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Jalaun News: साथी अधिवक्ता के लिए हड़ताल पर रही बार एसोसिएशन
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उरई। साथी अधिवक्ता के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया।
उन्होंने विधि से जुड़ा कोई कार्य नहीं किया। अपने साथी पर गलत आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही मुकदमा हटाने और संबंधित वादी बाबू के स्थानांतरण की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे साथी अधिवक्ता को नौ जनवरी को एक फर्जी मुकदमें में फंसाया गया है। पुलिस उसे बार एसोसिएशन को सूचना दिए बगैर अपने साथ ले गई। इसी के विरोध में बुधवार को सभी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। विरोध के चलते विधि कार्य से अधिवक्ता विरत रहे। गुरुवार को पीड़ित अधिवक्ता की बेल डाली जाएगी। जमानत के बाद इस मामले में एक बार फिर से एसोसिएशन की ओर से बैठक होगी।
इसमें सभी पदाधिकारी व सदस्यों से आंदोलन को लेकर चर्चा की जाएगी। जो भी निर्णय आम सहमति से होगा, उस पर अमल करते हुए अगले दिन से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने साथी के लिए सभी अधिवक्ता एक हैं और उसे बचाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। मांग है कि हमारे साथी पर लगा मुकदमा वापस लिया जाए या फिर उस दूसरी पार्टी जो कि न्यायालय में बाबू है, उसका स्थानांतरण हो। कार्यबहिष्कार में उपाध्यक्ष रामप्रकाश पाल, महासचिव ज्ञानेंद्र सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष संजीव तिवारी, गोविंद चतुर्वेदी, महराज सिद्दीकी, धीरेंद्र तिवारी, प्रद्युम्न सिरोठिया, निकेतन, हेमंत द्विवेदी व मंगलेश तिवारी आदि अधिवक्ताओं ने साथी पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर रोष जताया।
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अपने साथी के पक्ष में हड़ताल पर रहे अधिवक्ताओं में दो की आपस में ही नोकझोंक और तीखी बहस हो गई। दोनों ही एसोसिएशन में पदाधिकारी हैं। इस आंदोलन को लेकर अलग-अलग ढंग से विस्तार देने पर चर्चा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि एक दूसरे के बताए सुझाव से दोनों ही संतुष्ट नहीं थे। इसी बात पर बहस शुरू हुई और फिर काफी देर तक हंगामें का माहौल रहा। बड़े पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं को बीच में आना पड़ा और फिर दोनों को शांत कराया गया।
उरई। उप निबंधक के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफिस के अधिवक्ताओं की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। उन्होंने काम नहीं किया और कार्रवाई की मांग उठाई।
रजिस्ट्रार ऑफिस के वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफिस की उप निबंधक के व्यवहार और भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा। उनकी वजह से जनता भी परेशान है और अधिवक्ताओं का भी शोषण किया जाता है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, डीएम से इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक उप निबंधक का स्थानांतरण या उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाता, अधिवक्ता काम पर नहीं लौटेंगे। यदि मांग नहीं मानते हैं तो रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ ही अन्य कार्यों के अधिवक्ता भी आंदोलन में शामिल होंगे।
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उन्होंने विधि से जुड़ा कोई कार्य नहीं किया। अपने साथी पर गलत आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही मुकदमा हटाने और संबंधित वादी बाबू के स्थानांतरण की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे साथी अधिवक्ता को नौ जनवरी को एक फर्जी मुकदमें में फंसाया गया है। पुलिस उसे बार एसोसिएशन को सूचना दिए बगैर अपने साथ ले गई। इसी के विरोध में बुधवार को सभी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। विरोध के चलते विधि कार्य से अधिवक्ता विरत रहे। गुरुवार को पीड़ित अधिवक्ता की बेल डाली जाएगी। जमानत के बाद इस मामले में एक बार फिर से एसोसिएशन की ओर से बैठक होगी।
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इसमें सभी पदाधिकारी व सदस्यों से आंदोलन को लेकर चर्चा की जाएगी। जो भी निर्णय आम सहमति से होगा, उस पर अमल करते हुए अगले दिन से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने साथी के लिए सभी अधिवक्ता एक हैं और उसे बचाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। मांग है कि हमारे साथी पर लगा मुकदमा वापस लिया जाए या फिर उस दूसरी पार्टी जो कि न्यायालय में बाबू है, उसका स्थानांतरण हो। कार्यबहिष्कार में उपाध्यक्ष रामप्रकाश पाल, महासचिव ज्ञानेंद्र सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष संजीव तिवारी, गोविंद चतुर्वेदी, महराज सिद्दीकी, धीरेंद्र तिवारी, प्रद्युम्न सिरोठिया, निकेतन, हेमंत द्विवेदी व मंगलेश तिवारी आदि अधिवक्ताओं ने साथी पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर रोष जताया।
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अपने साथी के पक्ष में हड़ताल पर रहे अधिवक्ताओं में दो की आपस में ही नोकझोंक और तीखी बहस हो गई। दोनों ही एसोसिएशन में पदाधिकारी हैं। इस आंदोलन को लेकर अलग-अलग ढंग से विस्तार देने पर चर्चा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि एक दूसरे के बताए सुझाव से दोनों ही संतुष्ट नहीं थे। इसी बात पर बहस शुरू हुई और फिर काफी देर तक हंगामें का माहौल रहा। बड़े पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं को बीच में आना पड़ा और फिर दोनों को शांत कराया गया।
उरई। उप निबंधक के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफिस के अधिवक्ताओं की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। उन्होंने काम नहीं किया और कार्रवाई की मांग उठाई।
रजिस्ट्रार ऑफिस के वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफिस की उप निबंधक के व्यवहार और भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा। उनकी वजह से जनता भी परेशान है और अधिवक्ताओं का भी शोषण किया जाता है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, डीएम से इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक उप निबंधक का स्थानांतरण या उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाता, अधिवक्ता काम पर नहीं लौटेंगे। यदि मांग नहीं मानते हैं तो रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ ही अन्य कार्यों के अधिवक्ता भी आंदोलन में शामिल होंगे।