Jalaun News: कहीं केंद्रों पर ताले तो कहीं खाद खत्म
रामपुरा : दो समितियों पर ताले, खाद के लिए भटकते रहे किसान
रामपुरा। क्षेत्र की रामपुरा और सिद्धपुरा सहकारी समितियों पर ताले लटके होने से खाद लेने पहुंचे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। किसान रवि पचोखरा, नीलेश कदमपुरा, भीखे जायघा और विजय जगम्मनपुर समेत अन्य ग्रामीणों ने खाद वितरण व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में समितियां बंद रहने से किसानों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसान दीपक सिंह कुशवाहा, माताप्रसाद जोधावत, समर सिंह कूसेपुरा आदि ने नियमित वितरण और सभी किसानों को समान अवसर देने की मांग की। (संवाद)
एट : चार महीने से पीसीएफ केंद्र बंद, दूसरी समिति पर भी खत्म हुई खाद
एट। क्षेत्र में संचालित दो खाद केंद्रों में से पीसीएफ केंद्र करीब चार महीने से बंद पड़ा है। यहां तैनात कर्मचारी को जिला मुख्यालय उरई से संबद्ध किए जाने के बाद से केंद्र पर ताला लगा हुआ है। ऐसे में किसानों की निर्भरता दूसरी सहकारी समिति पर बढ़ गई है। किसानों के मुताबिक, वहां भी खाद का आवंटन कम होने से जरूरत के अनुसार डीएपी नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को उपलब्ध खाद का वितरण कर दिया गया, जबकि शुक्रवार को स्टॉक नहीं होने के कारण वितरण नहीं हो सका। (संवाद)
जखा : समिति में खाद पहुंची, फिर भी नहीं हुआ वितरण
सिरसा कलार। जखा सहकारी समिति पर डीएपी खाद पहुंचने के बाद भी शुक्रवार को वितरण नहीं हो सका। इससे खाद लेने पहुंचे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। बताया गया कि बृहस्पतिवार को समिति पर डीएपी खाद का एक ट्रक पहुंचा था। किसानों को शुक्रवार को वितरण होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐन वक्त पर व्यवस्था नहीं बन सकी। किसान बृजेंद्र सिंह, अखिलेश, महेश और गुड्डू का कहना है कि वे खाद के बारे में जानकारी करने समिति पहुंचे थे, लेकिन उन्हें शनिवार को आने के लिए कह दिया गया। समिति के सचिव राजकुमार दीक्षित ने बताया कि शुक्रवार को खाद का वितरण होना था, लेकिन अचानक बीमार हो जाने के कारण वह वितरण नहीं कर सके। (संवाद)
कोंच : प्रभारी नहीं तो कहीं स्टॉक खत्म, बैरंग लौटे किसान
कोंच। क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत के बीच शुक्रवार को भी किसानों को राहत नहीं मिली। पीसीएफ केंद्र प्रभारी कमलेश कुमार की ड्यूटी जिला मुख्यालय पर लगने के कारण केंद्र बंद रहा। इससे खाद लेने पहुंचे किसानों को बिना खाद लिए लौटना पड़ा। वहीं, क्रय-विक्रय केंद्र पर भी डीएपी का स्टॉक खत्म होने से किसानों को निराशा हाथ लगी। किसान सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचकर खाद मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक उन्हें खाद नहीं मिल सकी। क्रय-विक्रय केंद्र की प्रभारी उषा तिवारी ने बताया कि डीएपी का स्टॉक समाप्त हो गया है। खाद की मांग भेज दी गई है। (संवाद)
चार ट्रक खाद आने के बाद भी किल्लत, वितरण पर सवाल
मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया स्थित सहकारी समिति पर चार ट्रक खाद आने के बाद भी किसानों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। किसान खाद के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि समिति पर वितरण से दो दिन पहले ही कुछ किसानों के कागजात जमा कर लिए जाते हैं। खाद बांटने के दिन पहुंचने वाले किसानों को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले से बुकिंग हो चुकी है। कुसमिलिया समिति से मुहम्मदाबाद, ऐरी, रामपुरा, बधौली, गुढ़ा, सिमरिया और चिली समेत आसपास के गांवों के किसान जुड़े हैं। (संवाद)
यह बोले किसान
खाद वितरण के दिन ही लगना चाहिए नंबर
फोटो - 22 डेविड राजपूत।
कुसमिलिया निवासी किसान डेविड राजपूत का कहना है कि खाद वितरण से दो दिन पहले ही कुछ किसानों के कागजात जमा कर लिए जाते हैं। वितरण वाले दिन ही किसानों का नंबर लगाया जाना चाहिए, ताकि सभी को बराबर मौका मिल सके।
समिति में खाता, फिर भी नहीं मिली खाद
फोटो - 23 मोनिश।
मुहम्मदाबाद निवासी किसान मोनिश का कहना है कि उनका खाता कुसमिलिया सहकारी समिति में है और नियमित लेनदेन भी होता है। इसके बावजूद खाद लेने पहुंचने पर उनके कागजात जमा नहीं किए गए। उन्हें बताया गया कि पहले से ही बुकिंग हो चुकी है।
चार ट्रक खाद कहां गई, जांच होनी चाहिए
फोटो - 24 गब्बर।
कुसमिलिया निवासी किसान गब्बर का कहना है कि समिति पर चार ट्रक खाद आने के बाद भी आसपास के गांवों के किसानों की जरूरत पूरी नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि सिफारिश वाले किसानों को अधिक खाद मिल रही है। उन्होंने समिति पर पहुंची खाद और उसके वितरण का हिसाब जांचने की मांग की है।
छोटे किसानों को रोज काटने पड़ रहे चक्कर
फोटो - 25 विनोद।
कुसमिलिया निवासी किसान विनोद का कहना है कि दो से पांच बोरी खाद की जरूरत वाले छोटे किसानों को समिति के रोज चक्कर काटने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ सकती है।
वर्जन
जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। मांग होते ही सभी समितियों में खाद भेजी जा रही है। किसान परेशान न हों, जरूरत के हिसाब से खाद लें। सभी किसानों को खाद मिलेगी। - शिवकुमार, एआर कोऑपरेटिव।

फोटो - 10 रामपुरा में सोसाइटी में खाद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : टूंडला के अनवारा मार्ग पर खनन अधिकारी ने पकड़ी मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली। स्रोतः विभाग

फोटो - 10 रामपुरा में सोसाइटी में खाद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : टूंडला के अनवारा मार्ग पर खनन अधिकारी ने पकड़ी मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली। स्रोतः विभाग

फोटो - 10 रामपुरा में सोसाइटी में खाद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : टूंडला के अनवारा मार्ग पर खनन अधिकारी ने पकड़ी मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली। स्रोतः विभाग

फोटो - 10 रामपुरा में सोसाइटी में खाद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : टूंडला के अनवारा मार्ग पर खनन अधिकारी ने पकड़ी मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली। स्रोतः विभाग

फोटो - 10 रामपुरा में सोसाइटी में खाद न होने से पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : टूंडला के अनवारा मार्ग पर खनन अधिकारी ने पकड़ी मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली। स्रोतः विभाग