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शिक्षिका बनकर गांव के बच्चों को पढ़ाना चाहती थी अपर्णा
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मृतका अपर्णा की फाइल फोटो
- फोटो : ORAI
कदौरा। भोगनीपुर सड़क हादसे का शिकार हुई छात्राओं की खबर जैसे ही कस्बे पहुंची तो दोनों के इलाकों में हड़कंप सा मच गया। हर कोई छात्राओं के परिजनों के साथ कानपुर देहात जाने को तैयार था।
हादसे में जान गवाने वाली डायट की छात्रा अपर्णा के चाचा चाची तो बदहवाश हालत में मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ लेकर घटनास्थल भोगनीपुर की ओर निकल पड़े। किसानी करने वाले अपर्णा के चाचा विजय बहादुर के बेटे मोनू ने बताया कि उसकी चचेरी बहन अपर्णा पढ़ाई में शुरू से ही तेज थी। मोनू के मुताबिक अपर्णा के पिता शैलेंद्र व मां सुनीता कदौरा क्षेत्र के गांव चतेला में रहते हैं। जबकि अपर्णा कस्बे में हमारे घर पर ही रहकर डायट में पढ़ाई कर रही थी।
मोनू ने बताया कि अपर्णा अक्सर करती थी कि वह शिक्षिका बनकर गांव के बच्चों को पढ़ाएगी। एक पल को भी नहीं लगाता है कि सड़क हादसे ने अपर्णा को हम सबसे हमेशा के लिए छीन लिया। अपर्णा से छोटा उसका एक सगा भाई अर्पित भी है। हादसे के बाद देर रात तक विजय बहादुर के घर महिलाओं की भीड़ लगी रही। वहीं हादसे में घायल छात्रा शमीम फातिमा की मां फहमीदा का भी रो रोकर बुरा हाल है। फतिमा के पिता खलील अहमद देर रात तक घायल बेटी के साथ कानपुर देहात स्थित अस्पताल में ही रहे और कस्बे नहीं लौटे। परिजनों के मुताबिक फातिमा पांच भाई बहन हैं। तीन बहनों में फातिमा सबसे छोटी है।
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हादसे में जान गवाने वाली डायट की छात्रा अपर्णा के चाचा चाची तो बदहवाश हालत में मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ लेकर घटनास्थल भोगनीपुर की ओर निकल पड़े। किसानी करने वाले अपर्णा के चाचा विजय बहादुर के बेटे मोनू ने बताया कि उसकी चचेरी बहन अपर्णा पढ़ाई में शुरू से ही तेज थी। मोनू के मुताबिक अपर्णा के पिता शैलेंद्र व मां सुनीता कदौरा क्षेत्र के गांव चतेला में रहते हैं। जबकि अपर्णा कस्बे में हमारे घर पर ही रहकर डायट में पढ़ाई कर रही थी।
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मोनू ने बताया कि अपर्णा अक्सर करती थी कि वह शिक्षिका बनकर गांव के बच्चों को पढ़ाएगी। एक पल को भी नहीं लगाता है कि सड़क हादसे ने अपर्णा को हम सबसे हमेशा के लिए छीन लिया। अपर्णा से छोटा उसका एक सगा भाई अर्पित भी है। हादसे के बाद देर रात तक विजय बहादुर के घर महिलाओं की भीड़ लगी रही। वहीं हादसे में घायल छात्रा शमीम फातिमा की मां फहमीदा का भी रो रोकर बुरा हाल है। फतिमा के पिता खलील अहमद देर रात तक घायल बेटी के साथ कानपुर देहात स्थित अस्पताल में ही रहे और कस्बे नहीं लौटे। परिजनों के मुताबिक फातिमा पांच भाई बहन हैं। तीन बहनों में फातिमा सबसे छोटी है।

अपर्णा के चाचा विजय के घर बैठी महिलाएं।- फोटो : ORAI
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