{"_id":"5dc9ad048ebc3e5b3e14e4a3","slug":"anna-cattle-lured-22-bigha-pea-crops-in-one-night-orai-news-knp525224194","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक रात में 22 बीघा मटर की फसल चट कर गए अन्ना मवेशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक रात में 22 बीघा मटर की फसल चट कर गए अन्ना मवेशी
विज्ञापन
किसान रामसिंह
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। मटर की फसल से घर-परिवार में हरियाली बढ़ने की उम्मीद लगाए किसानों की मेहनत अन्ना मवेशियों ने रौंद दी। रविवार की रात खेतों में दाखिल हुए अन्ना मवेशी लगभग 22 बीघा मटर की फसल चट कर गए। लाही व चने की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
घटनाक्रम ग्राम चतेला का है। सोमवार सुबह खेतों तक पहुंचे सात किसानों को मटर की फसल साफ मिली। ज्यादातर फसल जानवरों ने चर ली थी। बची-खुची रौंदने से बेकार हो गई। मटर के साथ लाही व चने के खेत भी प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात किसी वक्त खेतों में घुसे अन्ना मवेशियों के झुंड ने सात किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
उनके मुताबिक रामप्रकाश व रामपाल की तीन और दो बीघा, मंगल की दो बीघा, करन की चार बीघा, अफसर की तीन बीघा, खलील की चार बीघा, राम अवतार की चार बीघा फसल एक ही रात में मवेशियों के उत्पात का शिकार हो गई।
विज्ञापन
चतेला निवासी रामसिंह यादव ने बताया कि गांव में 200 के आसपास मवेशी अन्ना हैं। फसल की हिफाजत के लिए किसानों को रात-रात भर खेतों में रहना पड़ता है। पिछले दिनों त्योहारी दौर शुरू होने से कुछ किसान घर पर ज्यादा वक्त दे रहे थे। अब फसल से हाथ धो बैठे। उन्होंने अफसरों से शिकायत के बाद भी अन्ना मवेशियों के लिए ठोस इंतजाम न होने पर आपत्ति जताई। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि गांव में अस्थायी गोशाला है, इसके संचालन की जिम्मेदारी प्रधान, सचिव, लेखपाल की है। इसके बाद भी पशु खुले में घूमने के कारणों पर पूछताछ की जाएगी। छुट्टा छोड़ने वाले मवेशी पालकों पर भी कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
घटनाक्रम ग्राम चतेला का है। सोमवार सुबह खेतों तक पहुंचे सात किसानों को मटर की फसल साफ मिली। ज्यादातर फसल जानवरों ने चर ली थी। बची-खुची रौंदने से बेकार हो गई। मटर के साथ लाही व चने के खेत भी प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार रात किसी वक्त खेतों में घुसे अन्ना मवेशियों के झुंड ने सात किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
विज्ञापन
उनके मुताबिक रामप्रकाश व रामपाल की तीन और दो बीघा, मंगल की दो बीघा, करन की चार बीघा, अफसर की तीन बीघा, खलील की चार बीघा, राम अवतार की चार बीघा फसल एक ही रात में मवेशियों के उत्पात का शिकार हो गई।
विज्ञापन
चतेला निवासी रामसिंह यादव ने बताया कि गांव में 200 के आसपास मवेशी अन्ना हैं। फसल की हिफाजत के लिए किसानों को रात-रात भर खेतों में रहना पड़ता है। पिछले दिनों त्योहारी दौर शुरू होने से कुछ किसान घर पर ज्यादा वक्त दे रहे थे। अब फसल से हाथ धो बैठे। उन्होंने अफसरों से शिकायत के बाद भी अन्ना मवेशियों के लिए ठोस इंतजाम न होने पर आपत्ति जताई। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि गांव में अस्थायी गोशाला है, इसके संचालन की जिम्मेदारी प्रधान, सचिव, लेखपाल की है। इसके बाद भी पशु खुले में घूमने के कारणों पर पूछताछ की जाएगी। छुट्टा छोड़ने वाले मवेशी पालकों पर भी कार्रवाई करेंगे।

चतेला में खेत में मवेशी द्वारा बर्बाद की गई मटर फसल- फोटो : ORAI