{"_id":"5e9895898ebc3e76cb3d2294","slug":"ambulance-staff-is-active-with-complete-dedication-in-lockdown-orai-news-knp5555656112","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में पूरे समर्पण से सक्रिय है एंबुलेंस स्टाफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में पूरे समर्पण से सक्रिय है एंबुलेंस स्टाफ
विज्ञापन
सुनील कुमार
- फोटो : ORAI
उरई। लॉकडाउन में जहां हर कोई घरों में रहने को मजबूर है वहीं किसी भी मरीज को अस्पताल आने या अस्पताल से जाने में एंबुलेंस कर्मचारी दिन रात एक किए हैं।
सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि जनपद में लोगों के लिए 108 व 102 और एएलएस सेवा निशुल्क उपलब्ध है। जिले में 48 एंबुलेंस हैं। जो 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए गई हैं। सेवा प्रदाता संस्था जीवीके ईएमआरआई के माध्यम से सेवाएं दी जा रही है। लॉकडाउन में बेहतर एंबुलेंस सेवा से जहां कोरोना के प्रकोप से बचने में मदद मिल रही है वहीं हार्टअटैक या एक्सीडेंट समेत अन्य आपातकालीन समस्याओं से निपटने में लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।
एंबुलेंस सेवा के झांसी मंडल प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि फील्ड में जाने वाले एंबुलेंस कर्मचारी कोविड 19 के प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जालौन में एंबुलेंस सेवा 108 की 23, एंबुलेंस सेवा 102 की 21 और एएलएस की 4 एंबुलेंस 24 घंटे निशुल्क सेवाएं दे रही हैं। इस समय लगभग 230 काल रोजाना आ रही है। अब तक 1090 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद दी गई है। शहर के मोहल्ला राजेंद्रनगर संजय बताते हैं कि उनकी पत्नी अनीता को प्रसव होना था, जिला महिला अस्पताल से मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर किया गया था। एंबुलेंस सेवा का निशुल्क लाभ लिया। लॉकडाउन में एंबुलेंस सेवा की मदद मिली, अच्छा लगा।
ऐसे समय में काम गर्व की बात
जिला प्रोग्राम मैनेजर एंबुलेंस सेवा सुनील कुमार ने कहा कि पहले डर लग रहा था लेकिन अब कोई डर नहीं लगता है। हम सभी यहां 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में हमें लोगों की मदद करने का काम मिला है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
विज्ञापन
लॉकडाउन के बाद से नहीं गए घर
ईएमई दीपक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के बाद हम लोग घर नहीं गए, एंबुलेंस स्टाफ के साथ ज्यादा से ज्यादा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। ऐसे हालात में काम करने में किसी तरह की दिक्कत भी नहीं आ रही है।
विज्ञापन
सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि जनपद में लोगों के लिए 108 व 102 और एएलएस सेवा निशुल्क उपलब्ध है। जिले में 48 एंबुलेंस हैं। जो 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए गई हैं। सेवा प्रदाता संस्था जीवीके ईएमआरआई के माध्यम से सेवाएं दी जा रही है। लॉकडाउन में बेहतर एंबुलेंस सेवा से जहां कोरोना के प्रकोप से बचने में मदद मिल रही है वहीं हार्टअटैक या एक्सीडेंट समेत अन्य आपातकालीन समस्याओं से निपटने में लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।
एंबुलेंस सेवा के झांसी मंडल प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि फील्ड में जाने वाले एंबुलेंस कर्मचारी कोविड 19 के प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जालौन में एंबुलेंस सेवा 108 की 23, एंबुलेंस सेवा 102 की 21 और एएलएस की 4 एंबुलेंस 24 घंटे निशुल्क सेवाएं दे रही हैं। इस समय लगभग 230 काल रोजाना आ रही है। अब तक 1090 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद दी गई है। शहर के मोहल्ला राजेंद्रनगर संजय बताते हैं कि उनकी पत्नी अनीता को प्रसव होना था, जिला महिला अस्पताल से मेडिकल कालेज झांसी के लिए रेफर किया गया था। एंबुलेंस सेवा का निशुल्क लाभ लिया। लॉकडाउन में एंबुलेंस सेवा की मदद मिली, अच्छा लगा।
विज्ञापन
ऐसे समय में काम गर्व की बात
जिला प्रोग्राम मैनेजर एंबुलेंस सेवा सुनील कुमार ने कहा कि पहले डर लग रहा था लेकिन अब कोई डर नहीं लगता है। हम सभी यहां 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में हमें लोगों की मदद करने का काम मिला है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।
विज्ञापन
लॉकडाउन के बाद से नहीं गए घर
ईएमई दीपक कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के बाद हम लोग घर नहीं गए, एंबुलेंस स्टाफ के साथ ज्यादा से ज्यादा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। ऐसे हालात में काम करने में किसी तरह की दिक्कत भी नहीं आ रही है।

दीपक कुमार- फोटो : ORAI

दिनेश सिंह- फोटो : ORAI