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Jalaun News: उपनिबंधक कार्यालय में भ्रष्टाचार के विरोध में लामबंद हुए अधिवक्ता व लेखाकार
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उरई। उपनिबंधक कार्यालय में मनमानी व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता व लेखाकार दूसरे दिन लामबंद हो गए।
जिससे वह कार्य से विरत रहे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जब तक सब रजिस्ट्रार का स्थानांतरण नहीं हो जाएगा। जब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते बुधवार को भी कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जिससे करीब एक करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं, लोग परेशान नजर आए।
उरई में बुधवार को दूसरे दिन अधिवक्ताओं व लेखाकारों ने कार्य बहिष्कार कर कलम बंद हड़ताल जारी रखी। उन्होंने सब रजिस्ट्रार कल्पना अवस्थी पर मनमानी करने व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय में अनियमितताओं का बोलबाला है। कभी भी समय पर पंजीकरण नहीं होता है। उनके पद संभालने के बाद से ही कार्यालय में उनका तानाशाही रवैया चल रहा है। जिससे आए दिन नोकझोंक देखने को मिलती है।
आरोप लगाया कि सब रजिस्ट्रार के देर से कार्यालय पहुंचने के कारण रजिस्ट्री का काम प्रतिदिन 12 बजे के बाद ही शुरू हो पाता है, जबकि पक्षकारों को रजिस्ट्री कराने के लिये 10 बजे से ऑनलाइन नियुक्ति दी जाती है। देर से काम शुरू होने के कारण रजिस्ट्री ऑफिस में अफरातफरी का माहौल रहता है और पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रजिस्ट्रार प्रत्येक दस्तावेज पर सुविधा शुल्क की मांग करती हैं। न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी जाती है।
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मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सभी ने एकजुट होकर सब रजिस्ट्रार के तबादले की मांग की थी। किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर उन्होंने हड़ताल जारी रखी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सब रजिस्ट्रार का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। तब तक कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद दस्तावेज लेखक व अधिवक्ता सब रजिस्ट्रार कल्पना अवस्थी के तबादले की एक सूत्री मांग पर अड़े रहे। इस दौरान कमलेश श्रीवास्तव, उदयवीर सिंह निरंजन, भरत कुमार मिश्रा, दीपू त्रिपाठी, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राहुल मिश्रा, अवनीश, आदित्य तिवारी, प्रताप सिंह निरंजन, राजीव श्रीवास्तव व प्रशांत वेद आदि मौजूद रहे।
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जिससे वह कार्य से विरत रहे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जब तक सब रजिस्ट्रार का स्थानांतरण नहीं हो जाएगा। जब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते बुधवार को भी कार्यालय में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जिससे करीब एक करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं, लोग परेशान नजर आए।
उरई में बुधवार को दूसरे दिन अधिवक्ताओं व लेखाकारों ने कार्य बहिष्कार कर कलम बंद हड़ताल जारी रखी। उन्होंने सब रजिस्ट्रार कल्पना अवस्थी पर मनमानी करने व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय में अनियमितताओं का बोलबाला है। कभी भी समय पर पंजीकरण नहीं होता है। उनके पद संभालने के बाद से ही कार्यालय में उनका तानाशाही रवैया चल रहा है। जिससे आए दिन नोकझोंक देखने को मिलती है।
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आरोप लगाया कि सब रजिस्ट्रार के देर से कार्यालय पहुंचने के कारण रजिस्ट्री का काम प्रतिदिन 12 बजे के बाद ही शुरू हो पाता है, जबकि पक्षकारों को रजिस्ट्री कराने के लिये 10 बजे से ऑनलाइन नियुक्ति दी जाती है। देर से काम शुरू होने के कारण रजिस्ट्री ऑफिस में अफरातफरी का माहौल रहता है और पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रजिस्ट्रार प्रत्येक दस्तावेज पर सुविधा शुल्क की मांग करती हैं। न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी जाती है।
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मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सभी ने एकजुट होकर सब रजिस्ट्रार के तबादले की मांग की थी। किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर उन्होंने हड़ताल जारी रखी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सब रजिस्ट्रार का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। तब तक कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद दस्तावेज लेखक व अधिवक्ता सब रजिस्ट्रार कल्पना अवस्थी के तबादले की एक सूत्री मांग पर अड़े रहे। इस दौरान कमलेश श्रीवास्तव, उदयवीर सिंह निरंजन, भरत कुमार मिश्रा, दीपू त्रिपाठी, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राहुल मिश्रा, अवनीश, आदित्य तिवारी, प्रताप सिंह निरंजन, राजीव श्रीवास्तव व प्रशांत वेद आदि मौजूद रहे।