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एचएफडब्लू विभाग लापरवाह डाक्टरों पर कसेगा शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 15 Feb 2017 10:45 PM IST
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देर से आने, जल्दी जाने की प्रवृत्ति अब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व डाक्टरों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। ऐसे डाक्टरों और कर्मियों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (एचएफडब्लू) ने शिकंजा कसा है। इतना ही नहीं, विभाग की ओर से मानव संपदा साफ्टवेयर तैयार किया गया हैं, जो थंब व कार्निया इंप्रेशन मशीन से जोड़ा गया है।
इससे अस्पतालों में आने वाले डाक्टरों की उपस्थिति की जानकारी प्रदेश (लखनऊ) के आलाधिकारियों को भी मिल सकेगी। इतना ही नहीं समय पर अस्पताल न आने वाले लापरवाह डॉक्टर और कर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। बता दें कि अक्सर डॉक्टर अस्पताल के ड्यूटी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कराकर बगैर किसी मरीज को देखे हुए ही घर निकल जाते हैं। इससे गरीबों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इस पर रोक लगाने के लिए ही मानव संपदा साफ्टवेयर बनाया गया हैं।
साफ्टवेयर से स्वास्थ्य विभाग मेें हड़कंप
लखनऊ के आलाधिकारियों की पहल पर तैयार साफ्टवेयर से लापरवाह डाक्टरों व कर्मचारियों पर हड़कंप मचा हुआ हैं। वे अब इससे बचने के तरीके तलाशने में लग गए हैं।
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ये विभाग रहेंगे साफ्टवेयर के अधीन
साफ्टवेयर को सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, पीएचसी और नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा भी स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यालयों को जोड़े जाने की संभावना है।
निरीक्षण में नदारद मिलते थे चिकित्सक
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी अस्पतालों का निरीक्षण करने पहुंचे, तब डाक्टर व कर्मचारी नदारद मिले। इस पर रोक लगाने के लिए मानव संपदा साफ्टवेयर बनाया गया, जो थंब व कार्निया इंप्रेशन मशीन से जोड़ा गया है।
साफ्टवेयर में दर्ज होगा ब्योरा
मानव संपदा साफ्टवेयर में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वेतन का कोड समेत परिवार का विवरण इत्यादि ब्योरा शामिल होगा।
मरीजों को मिलेगी राहत
मानव संपदा साफ्टवेयर से लापरवाह डाक्टरों को जरूर परेशानी होगी, लेकिन अस्पतालों में घंटों लाइन लगाकर इंतजार करने वाले मरीजों को लाभ पहुंचेगा। खासतौर पर जो मुख्यालय से सटे गांवों व बीहड़ के ग्रामीण अंचलों से इलाज के लिए आते हैं, उन्हें अब डॉक्टरों के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
वर्जन
मानव संपदा साफ्टवेयर के अधीन आने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व डाक्टरों का का ब्यौरा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग लखनऊ भेज दिया गया है। वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डा. कल्पना, सीएमओ, जालौन
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इससे अस्पतालों में आने वाले डाक्टरों की उपस्थिति की जानकारी प्रदेश (लखनऊ) के आलाधिकारियों को भी मिल सकेगी। इतना ही नहीं समय पर अस्पताल न आने वाले लापरवाह डॉक्टर और कर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। बता दें कि अक्सर डॉक्टर अस्पताल के ड्यूटी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कराकर बगैर किसी मरीज को देखे हुए ही घर निकल जाते हैं। इससे गरीबों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। इस पर रोक लगाने के लिए ही मानव संपदा साफ्टवेयर बनाया गया हैं।
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साफ्टवेयर से स्वास्थ्य विभाग मेें हड़कंप
लखनऊ के आलाधिकारियों की पहल पर तैयार साफ्टवेयर से लापरवाह डाक्टरों व कर्मचारियों पर हड़कंप मचा हुआ हैं। वे अब इससे बचने के तरीके तलाशने में लग गए हैं।
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ये विभाग रहेंगे साफ्टवेयर के अधीन
साफ्टवेयर को सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, पीएचसी और नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा भी स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यालयों को जोड़े जाने की संभावना है।
निरीक्षण में नदारद मिलते थे चिकित्सक
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी अस्पतालों का निरीक्षण करने पहुंचे, तब डाक्टर व कर्मचारी नदारद मिले। इस पर रोक लगाने के लिए मानव संपदा साफ्टवेयर बनाया गया, जो थंब व कार्निया इंप्रेशन मशीन से जोड़ा गया है।
साफ्टवेयर में दर्ज होगा ब्योरा
मानव संपदा साफ्टवेयर में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वेतन का कोड समेत परिवार का विवरण इत्यादि ब्योरा शामिल होगा।
मरीजों को मिलेगी राहत
मानव संपदा साफ्टवेयर से लापरवाह डाक्टरों को जरूर परेशानी होगी, लेकिन अस्पतालों में घंटों लाइन लगाकर इंतजार करने वाले मरीजों को लाभ पहुंचेगा। खासतौर पर जो मुख्यालय से सटे गांवों व बीहड़ के ग्रामीण अंचलों से इलाज के लिए आते हैं, उन्हें अब डॉक्टरों के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
वर्जन
मानव संपदा साफ्टवेयर के अधीन आने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व डाक्टरों का का ब्यौरा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग लखनऊ भेज दिया गया है। वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डा. कल्पना, सीएमओ, जालौन