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हादसों के ‘शार्ट कट’ बने हाईवे के ‘अवैध कट’
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हाईवे पर मंडी के पास कट से निकलता बाइक सवार।
- फोटो : ORAI
कालपी, आटा। सर्दियों में उरई से आटा और आटा से कालपी तक के नेशनल हाईवे के बीच 30 से 35 किमी. का सफर हादसों का कहा जाए तो गलत नहीं होगा। कारण साफ है एक तो अन्ना मवेशियों की भरमार है। उसके अलावा ढाबों के बाहर के खड़े ट्रक और सबसे बड़ी व पुरानी समस्या है हाईवे के अवैध कट। शार्ट कर्ट के चक्कर में आकर अक्सर वाहन सवार हादसों का शिकार होते हैं। हैरत की बात तो यह है कि हाईवे अथॉरिटी सड़कों के पैचवर्क की तो सुध ले भी लेता है पर इन अवैध कट को बंद करने के लिए न तो डिवाइडर बनाए जाते है और न ही कोई बैरीकेडिंग की जाती है। इस कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इन हाईवे के सफर की दुश्वारियों पर एक रिपोर्ट-
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जल्दबाजी होती है जान की दुश्मन
ऊसरगांव से पहले और चमारी नाले के पास दोनों स्थानों पर हाईवे पर बने अवैध कट अक्सर हादसे का कारण बनते हैं। चमारी नाले के पास बने कट से पूरे दिन दो पहिया वाहन हाईवे से आरपार होकर गलत दिशा में पहुंच जाते हैं। इस कारण अक्सर भारी वाहन या दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऊसरगांव कट से तो दिन क्या रात रोडवेज बसें आरपार होती है। इसकी वजह दूसरी साइड पर पड़ने वाले ढाबे हैं। जिसमें चालक-परिचालकों को मुफ्त भोजन मिलता है। लिहाजा सवारियों की जान की परवाह भी नहीं करते हैं।
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अन्ना मवेशी और खड़े ट्रक भी मुसीबत
हाईवे के दोनों ओर खेत लगे होने के कारण दिन रात सड़कपर ही अन्ना मवेशियों का झुंड नजर आता है। जरा सी देर में मवेशियों का झुंड दौड़ता हुआ इन अवैध कट के रास्ते एक ओर से दूसरी ओर पहुंच जाता है। जिससे हाईवे पर आ रहा वाहन सवार अपना संतुलन खो देता है। इसी तरह 35 किमी. हाईवे पर करीब 15 से 20 छोटे बड़े ढाबे हैं। जिनके सामने भी दिन रात ट्रक खड़े रहते हैं। इनसे भी हादसे होने की पूरी आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी कभी थाना पुलिस का डंडा इन खड़े ट्रकों पर नहीं चलता है।
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हाईवे के अवैध कटों को बंद कराया जाएगा। इसके अलावा ढाबों से खड़े ट्रकों को हटाने के लिए भी पुलिस से बात की जाएगी। हादसों को रोकने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
डीएन तिवारी, नेशनल हाई की कार्यदायी संस्था ओबीआईएल (उरई बारा इंफास्टक्चर लि) के जनसंपर्क अधिकारी
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जल्दबाजी होती है जान की दुश्मन
ऊसरगांव से पहले और चमारी नाले के पास दोनों स्थानों पर हाईवे पर बने अवैध कट अक्सर हादसे का कारण बनते हैं। चमारी नाले के पास बने कट से पूरे दिन दो पहिया वाहन हाईवे से आरपार होकर गलत दिशा में पहुंच जाते हैं। इस कारण अक्सर भारी वाहन या दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऊसरगांव कट से तो दिन क्या रात रोडवेज बसें आरपार होती है। इसकी वजह दूसरी साइड पर पड़ने वाले ढाबे हैं। जिसमें चालक-परिचालकों को मुफ्त भोजन मिलता है। लिहाजा सवारियों की जान की परवाह भी नहीं करते हैं।
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अन्ना मवेशी और खड़े ट्रक भी मुसीबत
हाईवे के दोनों ओर खेत लगे होने के कारण दिन रात सड़कपर ही अन्ना मवेशियों का झुंड नजर आता है। जरा सी देर में मवेशियों का झुंड दौड़ता हुआ इन अवैध कट के रास्ते एक ओर से दूसरी ओर पहुंच जाता है। जिससे हाईवे पर आ रहा वाहन सवार अपना संतुलन खो देता है। इसी तरह 35 किमी. हाईवे पर करीब 15 से 20 छोटे बड़े ढाबे हैं। जिनके सामने भी दिन रात ट्रक खड़े रहते हैं। इनसे भी हादसे होने की पूरी आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी कभी थाना पुलिस का डंडा इन खड़े ट्रकों पर नहीं चलता है।
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हाईवे के अवैध कटों को बंद कराया जाएगा। इसके अलावा ढाबों से खड़े ट्रकों को हटाने के लिए भी पुलिस से बात की जाएगी। हादसों को रोकने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
डीएन तिवारी, नेशनल हाई की कार्यदायी संस्था ओबीआईएल (उरई बारा इंफास्टक्चर लि) के जनसंपर्क अधिकारी