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एसडीएम ने देखी शिक्षा व्यवस्था की हकीकत

Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
Jalaun
Jalaun Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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कोंच(जालौन)। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का बुरा हाल है। कक्षा छह और सात के बच्चे क, ख, ग भी नहीं जानते। शनिवार को एसडीएम मोहम्मद गफ्फार ने विकास खंड कोच के ग्राम कमतरी विद्यालय के बच्चों से अपना नाम लिखने को कहा तो वह नहीं लिख पाए। एसडीएम ने सारी स्थिति से बीएसए को अवगत करा दिया है।
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कमतरी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह में 13, कक्षा सात में 12 और कक्षा आठ में 11 यानी कुल 36 छात्र छात्रायें पंजीकृत हैं लेकिन एसडीएम के औचक निरीक्षण में सिर्फ 6 बच्चे ही उपस्थित मिले। दो अध्यापकों के इस विद्यालय में सहायक अध्यापक वीरसिंह यादव मिले। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक ऑडिट कराने गए हैं। एसडीएम ने साधारण जोड़ के सवाल पूछे तो बच्चे चकरा गए। ‘सत्य’ नहीं लिख पाये तो एसडीएम ने उनसे उनका नाम लिखने को कहा लेकिन यह देख कर हैरानी हुई कि बच्चे अपना नाम तक नहीं लिख सके।
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इस पर एसडीएम ने कहा कि एक तो बच्चे आते नहीं हैं और न ही उन्हें बुलाने का प्रयास किया जाता है। जो बच्चे आते भी हैं उन्हें पढ़ाया नहीं जाता है। सारी स्थिति से एसडीएम ने बीएसए वरुण कुमार क्रिस्टोफर को अवगत करा दिया है।
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इसी भवन से सट कर चल रहे प्राइमरी स्कूल में जब एसडीएम पहुंचे तो 69 में 27 बच्चे उपस्थित थे। एसडीएम ने कई बच्चों से सवाल किए, जूनियर वालों से भी कठिन सवाल लेकिन यहां के बच्चों ने एसडीएम को निराश नहीं किया और सभी सवालों के सही जवाब दिए, जिन्हें सुन कर एसडीएम बच्चों के साथ साथ अध्यापकों की भी तारीफ की। कक्षा दो के सचिन ने 18 का पहाड़ा सुना कर एसडीएम का दिल खुश कर दिया।
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