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कोंच में अतिरिक्त बिजलीघर के निर्माण का रास्ता साफ
Jalaun
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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कोंच (जालौन)। कोंच में 33 केवीए के विद्युत उपकेंद्र की खाली पड़ी जमीन पर ही 132 केवीए के बिजलीघर का निर्माण कराया जाएगा। रविवार को एसडीएम कोंच एवं बिजली विभाग के अधिकारियों ने कई जमीनों को देखने और अभिलेख खंगालने के बाद यह फैसला लिया।
सरकार ने कोंच में एक अतिरिक्त बिजलीघर की स्थापना को मंजूरी तकरीबन दो साल पहले दी थी किंतु जमीन नहीं मिल पा रही थी। साल भर पहले हाटा स्थित नजूल लैंड का प्रस्ताव पालिका बोर्ड की बैठक में पास करा कर शासन को भेजा गया था लेकिन उस जमीन की कीमत तीन करोड़ से भी अधिक लगा कर भेजी गई थी जिस पर बिजली विभाग को ऐतराज था। पूर्व राज्यमंत्री हरिओम उपाध्याय के अलावा पूर्व विधायक सदर विनोद चतुर्वेदी ने भी शासन स्तर पर काफी पैरवी की, पर बात नहीं बनी। रविवार को अफसरों ने इस जमीन को पर्याप्त मानते हुए इसकी नापजोख कराई।
रविवार को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता पारेषण उमेश वर्मा, अधिशासी अभियंता वितरण संतोषकुमार, एसडीओ बाबूलाल गौतम आदि ने एसडीएम मोहम्मद गफ्फार से मुलाकात करके जमीन उपलब्ध कराने को कहा लेकिन लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों से तमाम पड़ताल करने के बाद भी कहीं जमीन नहीं मिली। जिला योजना की पूर्व सदस्य रेनू चतुर्वेदी ने भी तहसील पहुंच कर एसडीएम से मुलाकात की। इसी बीच नगर के समाजसेवी डॉ0 हसीब अहमद ने बिजलीघर के लिये अपनी जमीन देने की पेशकश की। अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा तो जमीन उपयुक्त नहीं लगी। बाद में अधिकारियों ने 33 केवीए के बिजलीघर की जमीन को ही उपयुक्त मानकर नापजोख कराई। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले कुछ महीनों में 132 केवीए का बिजलीघर आकार लेने लगेगा।
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सरकार ने कोंच में एक अतिरिक्त बिजलीघर की स्थापना को मंजूरी तकरीबन दो साल पहले दी थी किंतु जमीन नहीं मिल पा रही थी। साल भर पहले हाटा स्थित नजूल लैंड का प्रस्ताव पालिका बोर्ड की बैठक में पास करा कर शासन को भेजा गया था लेकिन उस जमीन की कीमत तीन करोड़ से भी अधिक लगा कर भेजी गई थी जिस पर बिजली विभाग को ऐतराज था। पूर्व राज्यमंत्री हरिओम उपाध्याय के अलावा पूर्व विधायक सदर विनोद चतुर्वेदी ने भी शासन स्तर पर काफी पैरवी की, पर बात नहीं बनी। रविवार को अफसरों ने इस जमीन को पर्याप्त मानते हुए इसकी नापजोख कराई।
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रविवार को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता पारेषण उमेश वर्मा, अधिशासी अभियंता वितरण संतोषकुमार, एसडीओ बाबूलाल गौतम आदि ने एसडीएम मोहम्मद गफ्फार से मुलाकात करके जमीन उपलब्ध कराने को कहा लेकिन लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों से तमाम पड़ताल करने के बाद भी कहीं जमीन नहीं मिली। जिला योजना की पूर्व सदस्य रेनू चतुर्वेदी ने भी तहसील पहुंच कर एसडीएम से मुलाकात की। इसी बीच नगर के समाजसेवी डॉ0 हसीब अहमद ने बिजलीघर के लिये अपनी जमीन देने की पेशकश की। अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा तो जमीन उपयुक्त नहीं लगी। बाद में अधिकारियों ने 33 केवीए के बिजलीघर की जमीन को ही उपयुक्त मानकर नापजोख कराई। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले कुछ महीनों में 132 केवीए का बिजलीघर आकार लेने लगेगा।
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