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सरकारी मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदेंगे व्यापारी
Jalaun
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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उरई। व्यापारियों ने यहां गेहूं की खरीद के प्रदेश सरकार के फैसले का गल्ला व्यापारियों ने स्वागत किया है। सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए व्यापारियों ने कहाकि इससे गेहूं किसानों व व्यापारी दोनों वर्ग को लाभ होगा।
उरई गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी, महावीर गुप्ता, अनूप लाखोटिया, सतीश वैश्य, गोविंद विजपुरिया, आशीष सेठ आदि गल्ला व्यापारियों ने बताया कि झांसी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में शासन के इस फैसले का क्रियान्वयन हो चुका है। लेकिन अभी तक जालौन जिले में किसानों का गेहूं गल्ला व्यापारियों को खरीदने की नीति पर अमल नहीं हुआ। व्यापारियों ने कहाकि सरकार की इस नीति से किसानों को सरकार द्वारा घोषित 1285 रुपये के समान समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही गल्ला व्यापारियों को 31 रुपये प्रति कुंतल की आढ़त का कमीशन भी मिलेगा। व्यापारियों ने कहाकि अभी किसानों का अपना गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों के कई -कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन इस निर्णय के बाद से गल्ला व्यापारी किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करेंगे। हालांकि व्यापारियों ने सरकार से पल्लेदारों की मजदूरी व ट्रक के भाड़े के लिए नए रेट निर्धारित करने की मांग की है। व्यापारियों ने कहाकि जूट के बोरों की जगह प्लास्टिक के बैग में गेहूं कोे रखना, उचित विकल्प नहीं है। इस समस्या को सुलझाने की मांग भी व्यापारियों ने सरकार से की है।
उरई गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी, महावीर गुप्ता, अनूप लाखोटिया, सतीश वैश्य, गोविंद विजपुरिया, आशीष सेठ आदि गल्ला व्यापारियों ने बताया कि झांसी सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में शासन के इस फैसले का क्रियान्वयन हो चुका है। लेकिन अभी तक जालौन जिले में किसानों का गेहूं गल्ला व्यापारियों को खरीदने की नीति पर अमल नहीं हुआ। व्यापारियों ने कहाकि सरकार की इस नीति से किसानों को सरकार द्वारा घोषित 1285 रुपये के समान समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही गल्ला व्यापारियों को 31 रुपये प्रति कुंतल की आढ़त का कमीशन भी मिलेगा। व्यापारियों ने कहाकि अभी किसानों का अपना गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों के कई -कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन इस निर्णय के बाद से गल्ला व्यापारी किसानों से सीधे गेहूं की खरीद करेंगे। हालांकि व्यापारियों ने सरकार से पल्लेदारों की मजदूरी व ट्रक के भाड़े के लिए नए रेट निर्धारित करने की मांग की है। व्यापारियों ने कहाकि जूट के बोरों की जगह प्लास्टिक के बैग में गेहूं कोे रखना, उचित विकल्प नहीं है। इस समस्या को सुलझाने की मांग भी व्यापारियों ने सरकार से की है।
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