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रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों का अनुकरण करें
Jalaun
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। रवींद्रनाथ टैगोर एजूकेशन सेंटर इंटर कालेज उरई के परिसर में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के स्टाफ ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
विद्यालय प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म कोलकाता में 7 मई 1861 में बंगाली परिवार में हुआ था। गुरुदेव साहित्य क्षेत्र के महान विभूति थे। साहित्य के क्षेत्र में उनका सबसे बड़ा योगदान गीतांजलि रचना के रूप में है। इस महान रचना के लिये उन्हें नोबेल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राजेश चंसौलिया ने बताया कि हर विद्यार्थी को उनके आदर्शों एवं कार्यों का जीवन में अनुसरण करना चाहिये। प्रधानाचार्या श्रीमती सरोज मिश्रा ने बताया कि हर अध्यापक एवं अध्यापिका को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन तथा कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके बाद मिठाई का वितरण किया गया।
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विद्यालय प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म कोलकाता में 7 मई 1861 में बंगाली परिवार में हुआ था। गुरुदेव साहित्य क्षेत्र के महान विभूति थे। साहित्य के क्षेत्र में उनका सबसे बड़ा योगदान गीतांजलि रचना के रूप में है। इस महान रचना के लिये उन्हें नोबेल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राजेश चंसौलिया ने बताया कि हर विद्यार्थी को उनके आदर्शों एवं कार्यों का जीवन में अनुसरण करना चाहिये। प्रधानाचार्या श्रीमती सरोज मिश्रा ने बताया कि हर अध्यापक एवं अध्यापिका को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन तथा कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके बाद मिठाई का वितरण किया गया।
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