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केंद्र सरकार की नीतियां जन विरोधी
Jalaun
Updated Mon, 15 Dec 2014 05:30 AM IST
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उरई(जालौन)। केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए वामपंथी मोर्चा के बैनर तले गांधी चबूतरा पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कहा कि गरीब मजदूरों के लिए मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाए। ठेकेदारी प्रथा पर हर हाल में रोक लगाई जाए। प्रदर्शन के दौरान भाकपा के सचिव सुधीर अवस्थी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई पर काबू पाने की बात कही थी लेकिन आदमी की जरूरत की वस्तुएं आज भी महंगी हैं। कामरेड कैलाश पाठक ने कहा कि सरकार ने काले धन को वापस लाने के लिए कोई कड़े कदम नहीं उठाए हैं। मोदी वादाखिलाफी पर उतर आए हैं। बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की हिस्सेदारी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को जन विरोधी बताया। कहा कि हिंदुत्व विचारधारा वाली आरएसएस की घुसपैठ शासन की संस्थाओं में हो रही है, जिसे रोका जाना चाहिए। कमलाकांत वर्मा ने कहा कि लव जेहाद के नाम पर सांप्रदायिक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दलितों का उत्पीड़न हो रहा है। धरना के बाद मोर्चा के बैनर तले महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया, जिसमें नौ सूत्रीय मांगों को रखा गया। धरने में रामेश्वर दयाल बाजपेयी, भूपेंद्र चौरसिया, गीता चौधरी, कमलेश आचार्य, शांति देवी, ममता पाल, विमला, रक्षा अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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