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शोहदे के परिजनों से तंग युवती ने फांसी लगाई
Jalaun
Updated Sat, 15 Nov 2014 05:30 AM IST
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जालौन। छेड़खानी के मामले में शोहदे के परिजनों की धमकी से आजिज युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार की सुबह युवती के परिजनों ने उसका शव फंदे से झूलता देखा तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों का आरोप है कि जेल में बंद शोहदे के परिजन लगातार बेटी को मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत भी कोतवाली पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। गुरुवार की शाम भी शोहदे की मां ने धमकी दी थी, जिससे घबराकर युवती ने आत्महत्या कर ली।
कस्बे के एक गांव निवासी मजदूर की 18 वर्षीय बेटी का शव सुबह घर पर फांसी के फंदे से झूलता मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवती के ताऊ ने पुलिस को बताया कि बीती 30 अक्तूबर को गांव के ही युवक विजय ने भतीजी के साथ रेप का प्रयास किया था। उसने अगले दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने विजय को छेड़खानी में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से विजय की मां रेखा, कोटेदार चाचा लालता और उसके कुछ अन्य नाते रिश्तेदार लगातार बेटे पर पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए धमका रहे थे। गुरुवार की शाम को भी जब युवती खेत से घर लौट रही थी तो रेखा ने रास्ते में उसे रोककर उसे धमकाया था। उसके बाद से वह गुमसुम बैठी थी। बगैर खाना खाए ही सोने के लिए कमरे में चली गई। सुबह उसका शव फंदे से झूलता मिला। सीओ का कुलदीप का कहना है कि फिलहाल परिजनों ने विजय की मां रेखा के खिलाफ तहरीर दी है, लिहाजा रेखा पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रही बात पुलिस की भूमिका की तो मामले की जांच की जा रही है, यदि वाकई परिजनों ने लिखापढ़ी में कोई शिकायत कोतवाली पुलिस से की होगी तो दोषी पुलिस कर्मियों को भी बख्शा नही जाएगा।
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कस्बे के एक गांव निवासी मजदूर की 18 वर्षीय बेटी का शव सुबह घर पर फांसी के फंदे से झूलता मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवती के ताऊ ने पुलिस को बताया कि बीती 30 अक्तूबर को गांव के ही युवक विजय ने भतीजी के साथ रेप का प्रयास किया था। उसने अगले दिन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने विजय को छेड़खानी में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से विजय की मां रेखा, कोटेदार चाचा लालता और उसके कुछ अन्य नाते रिश्तेदार लगातार बेटे पर पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए धमका रहे थे। गुरुवार की शाम को भी जब युवती खेत से घर लौट रही थी तो रेखा ने रास्ते में उसे रोककर उसे धमकाया था। उसके बाद से वह गुमसुम बैठी थी। बगैर खाना खाए ही सोने के लिए कमरे में चली गई। सुबह उसका शव फंदे से झूलता मिला। सीओ का कुलदीप का कहना है कि फिलहाल परिजनों ने विजय की मां रेखा के खिलाफ तहरीर दी है, लिहाजा रेखा पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रही बात पुलिस की भूमिका की तो मामले की जांच की जा रही है, यदि वाकई परिजनों ने लिखापढ़ी में कोई शिकायत कोतवाली पुलिस से की होगी तो दोषी पुलिस कर्मियों को भी बख्शा नही जाएगा।
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