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‘नेताजी’ को स्कूल में पढ़ाना पडे़गा
Jalaun
Updated Sat, 13 Jul 2013 05:31 AM IST
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उरई (जालौन)। वे टीचर जो विद्यालय छोड़कर कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं उनके लिए बुरी खबर है। स्कूलों में बिना पढ़ाए मोटी पगार लेने वाले टीचरों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए डीएम रामगणेश ने एडीएम, एसडीएम व डीआईओएस की जिम्मेदारी तय कर दी है। इस लिए अब अब नेता जी को स्कूल में बच्चों को पढ़ाना भी पड़ेगा।
डीएम ने कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि माध्यमिक, जूनियर, प्राथमिक विद्यालयों के कई टीचर विद्यालय समय से नहीं जाते हैं। इनमें प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य व शिक्षक संगठनों के प्रमुख नेता हैं जो कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। उन्होंने कहा कि एडीएम, उप जिलाधिकारियों को भी हमने निर्देश दिए हैं कि समय से विद्यालय न जाने वाले शिक्षकों की विद्यालयों में जाकर पहचान करें और रिपोर्ट दें ताकि उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके और शिक्षा में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में टीचरों के समय से न पहुंचने से जिले का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। कहा कि गोपनीय तरीके से डीआईओएस व बीएसए कार्यालयों की वीडियोग्राफी कराएंगे ताकि यह पता चल सके कि सुबह दस बजे से शाम चार बजे के स्कूल टाइम में कौन कौन टीचर विद्यालयों में बिना पढ़ाए पगार ले रहे हैं। संबंधित टीचरों पर शिकंजा न कसा गया तो संबंधित डीआईओएस व बीएसए को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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डीएम ने कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि माध्यमिक, जूनियर, प्राथमिक विद्यालयों के कई टीचर विद्यालय समय से नहीं जाते हैं। इनमें प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य व शिक्षक संगठनों के प्रमुख नेता हैं जो कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। उन्होंने कहा कि एडीएम, उप जिलाधिकारियों को भी हमने निर्देश दिए हैं कि समय से विद्यालय न जाने वाले शिक्षकों की विद्यालयों में जाकर पहचान करें और रिपोर्ट दें ताकि उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सके और शिक्षा में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में टीचरों के समय से न पहुंचने से जिले का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। कहा कि गोपनीय तरीके से डीआईओएस व बीएसए कार्यालयों की वीडियोग्राफी कराएंगे ताकि यह पता चल सके कि सुबह दस बजे से शाम चार बजे के स्कूल टाइम में कौन कौन टीचर विद्यालयों में बिना पढ़ाए पगार ले रहे हैं। संबंधित टीचरों पर शिकंजा न कसा गया तो संबंधित डीआईओएस व बीएसए को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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