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सहाव से पुष्पेंद्र और महेबा से प्रयाग नारायण जीते
Jalaun
Updated Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
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उरई (जालौन)। उपचुनाव में जिला पंचायत क्षेत्र सहाव से पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने यदुनंदन कुशवाहा को और महेबा में चौ. प्रयाग नारायण ने भूरी देवी को पराजित कर विजयी श्री हासिल की।
सोमवार को हुए उपचुनाव में जिला पंचायत क्षेत्र सहाव की मतगणना सुबह सात बजे से विकास खंड जालौन के कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी बाबूलाल की देखरेख में शुरू हुई। भाजपा के पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी यदुनंदन कुशवाहा को चार हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। भाजपा के पुष्पेंद्र सिंह सेंगर को 9713 मत, यदुनंदन कुशवाहा को 5705 मत मिले जबकि 162 मत अवैध पाए गए।
इसी तरह महेबा जिला पंचायत क्षेत्र से सदस्य पद के प्रत्याशी चौ. प्रयागनारायण व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मिजाजी लाल की पत्नी श्रीमती भूरी देवी के बीच कड़ा मुकाबला चलता रहा। प्रयाग नारायण को 4044 मत, भूरी देवी को 3759 और रणजीत सिंह को 1543 मत मिले जबकि 121 मत अवैध घोषित किए गए। जिला पंचायत सदस्य महेबा क्षेत्र से चौ. प्रयागनारायण को 285 मतों से जीत हासिल हुई। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य को उप जिला निर्वाचन अधिकारी लोकपाल सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य प्रयागनारायण को बधाई देने वाले सपा सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जयदेव सिंह यादव, सपा मजदूर सभा के पूर्व अध्यक्ष शिवदास यादव, ओमप्रकाश मिश्रा व बसपा नेता महेश चौधरी भट्टा ने उन्हें फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
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इनसेट
गंगथरा में प्रधान पद का ताज कुलदीप को
कोंच (जालौन)। नदीगांव विकास खंड की ग्रामसभा गंगथरा में प्रधान पद के हुए उपचुनाव के बुधवार को हुई मतगणना में कुलदीप सिंह गुर्जर विजयी घोषित किए गए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गुलाब सिंह को 97 मतों से शिकस्त दी।
ग्रामसभा गंगथरा के निवर्तमान प्रधान नरेश सिंह की बैंक में नौकरी लग जाने के कारण रिक्त हुई प्रधानी की सीट के लिये 6 मई को मतदान हुए था। नदीगांव खंड विकास कार्यालय में रिटर्निंग ऑफीसर पंकज वर्मा की देखरेख में शुरू हुई मतगणना दो घंटे में ही निपट गई। कुलदीप सिंह गुर्जर 256 मत पाकर विजयी घोषित किये गये। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गुलाबसिंह (160) को 97 वोटों से शिकस्त दी। अन्य प्रत्याशियों चंद्रप्रकाश को (157), बाबूसिंह को (114), इंद्रपाल को दस और दशरथसिंह को मात्र 3 वोट मिले, जबकि 4 वोट अवैध पाए गए। इस ग्राम सभा में कुल ग्यारह सौ चालीस मतदाताओं के सापेक्ष सात सौ चार वोट पड़े थे। ग्राम सभा में गंगथरा, झीलरा, रानीपुरा, रूरा और देवरी गांव सम्मिलित हैं। इस दौरान एसडीएम कोंच वैभव मिश्रा, सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी, प्रभारी बीडीओ धरनीधर यादव, एसओ नदीगांव चंद्रशेखर दुवे, एसओ रेंढर बीपी सिंह भारी दलबल के साथ मौजूद रहे।
इनसेट
विरासत बचाने में नाकाम रहे बसपा विधायक
उरई (जालौन)। बसपा विधायक संतराम कुशवाहा अपनी विरासत बचाने में कामयाब नहीं हो पाए। इसके पीछे दो कारण माने जा रहे हैं कि एक भीषण गर्मी व सहालग की वजह कम मतदान या फिर अपने ही घर में उनकी कमजोर हो रही पकड़ को ही प्रमुख माना जा रहा है।
जिला पंचायत सहाव क्षेत्र से अक्तूबर 2010 में संतराम सिंह कुशवाहा बसपा कोटे से चुनाव जीते थे। इसी बीच 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा से माधौगढ़ विधानसभा का चुनाव जीत गए। इसके बाद उन्होंने इस सीट से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। बसपा विधायक संतराम कुशवाहा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट पर उन्होंने अपने सजातीय यदुनंदन कुशवाहा सहाव को अपना प्रत्याशी बनाया और इलाके में अपनी विरासत बचाने के लिए पूरी दम-खम भी लगाई। तमाम कोशिशों के बाद भी वह कामयाब नहीं हुए। भाजपा के पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर के बेटे पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने बसपा विधायक की विरासत को छीन लिया।
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सोमवार को हुए उपचुनाव में जिला पंचायत क्षेत्र सहाव की मतगणना सुबह सात बजे से विकास खंड जालौन के कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी बाबूलाल की देखरेख में शुरू हुई। भाजपा के पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी यदुनंदन कुशवाहा को चार हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। भाजपा के पुष्पेंद्र सिंह सेंगर को 9713 मत, यदुनंदन कुशवाहा को 5705 मत मिले जबकि 162 मत अवैध पाए गए।
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इसी तरह महेबा जिला पंचायत क्षेत्र से सदस्य पद के प्रत्याशी चौ. प्रयागनारायण व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मिजाजी लाल की पत्नी श्रीमती भूरी देवी के बीच कड़ा मुकाबला चलता रहा। प्रयाग नारायण को 4044 मत, भूरी देवी को 3759 और रणजीत सिंह को 1543 मत मिले जबकि 121 मत अवैध घोषित किए गए। जिला पंचायत सदस्य महेबा क्षेत्र से चौ. प्रयागनारायण को 285 मतों से जीत हासिल हुई। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य को उप जिला निर्वाचन अधिकारी लोकपाल सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य प्रयागनारायण को बधाई देने वाले सपा सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जयदेव सिंह यादव, सपा मजदूर सभा के पूर्व अध्यक्ष शिवदास यादव, ओमप्रकाश मिश्रा व बसपा नेता महेश चौधरी भट्टा ने उन्हें फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।
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गंगथरा में प्रधान पद का ताज कुलदीप को
कोंच (जालौन)। नदीगांव विकास खंड की ग्रामसभा गंगथरा में प्रधान पद के हुए उपचुनाव के बुधवार को हुई मतगणना में कुलदीप सिंह गुर्जर विजयी घोषित किए गए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गुलाब सिंह को 97 मतों से शिकस्त दी।
ग्रामसभा गंगथरा के निवर्तमान प्रधान नरेश सिंह की बैंक में नौकरी लग जाने के कारण रिक्त हुई प्रधानी की सीट के लिये 6 मई को मतदान हुए था। नदीगांव खंड विकास कार्यालय में रिटर्निंग ऑफीसर पंकज वर्मा की देखरेख में शुरू हुई मतगणना दो घंटे में ही निपट गई। कुलदीप सिंह गुर्जर 256 मत पाकर विजयी घोषित किये गये। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गुलाबसिंह (160) को 97 वोटों से शिकस्त दी। अन्य प्रत्याशियों चंद्रप्रकाश को (157), बाबूसिंह को (114), इंद्रपाल को दस और दशरथसिंह को मात्र 3 वोट मिले, जबकि 4 वोट अवैध पाए गए। इस ग्राम सभा में कुल ग्यारह सौ चालीस मतदाताओं के सापेक्ष सात सौ चार वोट पड़े थे। ग्राम सभा में गंगथरा, झीलरा, रानीपुरा, रूरा और देवरी गांव सम्मिलित हैं। इस दौरान एसडीएम कोंच वैभव मिश्रा, सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी, प्रभारी बीडीओ धरनीधर यादव, एसओ नदीगांव चंद्रशेखर दुवे, एसओ रेंढर बीपी सिंह भारी दलबल के साथ मौजूद रहे।
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विरासत बचाने में नाकाम रहे बसपा विधायक
उरई (जालौन)। बसपा विधायक संतराम कुशवाहा अपनी विरासत बचाने में कामयाब नहीं हो पाए। इसके पीछे दो कारण माने जा रहे हैं कि एक भीषण गर्मी व सहालग की वजह कम मतदान या फिर अपने ही घर में उनकी कमजोर हो रही पकड़ को ही प्रमुख माना जा रहा है।
जिला पंचायत सहाव क्षेत्र से अक्तूबर 2010 में संतराम सिंह कुशवाहा बसपा कोटे से चुनाव जीते थे। इसी बीच 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा से माधौगढ़ विधानसभा का चुनाव जीत गए। इसके बाद उन्होंने इस सीट से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। बसपा विधायक संतराम कुशवाहा के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट पर उन्होंने अपने सजातीय यदुनंदन कुशवाहा सहाव को अपना प्रत्याशी बनाया और इलाके में अपनी विरासत बचाने के लिए पूरी दम-खम भी लगाई। तमाम कोशिशों के बाद भी वह कामयाब नहीं हुए। भाजपा के पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर के बेटे पुष्पेंद्र सिंह सेंगर ने बसपा विधायक की विरासत को छीन लिया।