{"_id":"5c800c50bdec22144f4162c0","slug":"71551895632-jalaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की, पोषाहार बांटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की, पोषाहार बांटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. कंचन जायसवाल ने मोहल्ला शिवपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पांच गर्भवती की गोद भराई कर केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, कहा कि पोषाहार से बच्चे कुपोषित नहीं होेंगे।
राज्य महिला आयोग डा. कंचन जायसवाल एक दिवसीय दौरे पर जिले में आई, बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मोहल्ला शिवपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान शबाना, रजिया, समसीदा, हाशमी एवं आरती गर्भवती का तिलक लगाकर स्वागत किया। पोषाहार की टोकरी देकर गोद भराई की और बताया कि सरकार भी चाहती है कि जच्चा व बच्चा स्वस्थ रहे। यदि मां स्वस्थ रहेगी तो होने वाला बच्चा भी कुपोषित नहीं होगा। आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बच्चों की संख्या और मिलने वाले पोषाहार की जानकारी ली।
विज्ञापन
सीडीपीओ विमलेश आर्या ने बताया कि इस केंद्र पर छह गर्भवती, 104 बच्चे और 51 किशोरियां पंजीकृत है। उन्होंने टीएलएम (टीचर लर्निंग मैटेरियल) व बच्चों के खिलौने देखकर खुशी जताई। इस दौरान डीपीओ नरेंद्र सिंह व स्वस्थ भारत प्रेरक वेदप्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।
पोषण अभियान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन टाउन हाल सभागार में किया गया। इसमें विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कुपोषण को दूर भगाने का संकल्प दिलाया।
इसमें स्वास्थ्य, पूर्ति, मनरेगा, नगर पालिका, बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। संचालन सीडीपीओ विमलेश आर्या ने किया।
खंड विकास कार्यालय के परिसर पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत छह दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ सीएचसी के प्रभारी डा. विनोद राजपूत की देखरेख में किया गया। जिसमें एनीमिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
डाक्टर अजय कुमार ने कहा कि खून की कमी के चलते अधिकांश बालिकाएं एनीमिया की शिकार हो जाती है।
30 से 40 प्रतिशत गर्भवती की एनीमिया के कारण मौत होती है। प्रदेश में 90 प्रतिशत बालिका एनीमिया से ग्रसित हैं। डाक्टर सुमन ने कहा 10 वर्ष से 19 वर्ष तक की बालिकाओं में खून की कमी के चलते एनीमिया हो जाता है, जिसके चलते सांस फूलना, घबराहट, चक्कर आना, बार बार बीमार पड़ना आदि लक्षण होते है।
एनीमिया के रोकथाम के लिए हरे पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित दालें, तिल, गुड़ खजूर, मांस मछली आदि का सेवन करे। आयरन की एक गोली खाना खाने के बाद खाए। इस दौरान आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मालती द्विवेदी, आशा, अरुणा, सीमा, पुष्पा, किरन, सुधा, गुड्डी, रजिया, बीना, मोहिनी, नंदिनी, कलावती, प्रियंका, रानी आदि आंगनबाड़ी मौजूद रही।
पांच गर्भवती की गोद भराई, पोषाहार बांटा
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
खून की कमी से किशोरियों व गर्भवती में एनीमिया
विज्ञापन
राज्य महिला आयोग डा. कंचन जायसवाल एक दिवसीय दौरे पर जिले में आई, बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मोहल्ला शिवपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
इस दौरान शबाना, रजिया, समसीदा, हाशमी एवं आरती गर्भवती का तिलक लगाकर स्वागत किया। पोषाहार की टोकरी देकर गोद भराई की और बताया कि सरकार भी चाहती है कि जच्चा व बच्चा स्वस्थ रहे। यदि मां स्वस्थ रहेगी तो होने वाला बच्चा भी कुपोषित नहीं होगा। आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बच्चों की संख्या और मिलने वाले पोषाहार की जानकारी ली।
विज्ञापन
सीडीपीओ विमलेश आर्या ने बताया कि इस केंद्र पर छह गर्भवती, 104 बच्चे और 51 किशोरियां पंजीकृत है। उन्होंने टीएलएम (टीचर लर्निंग मैटेरियल) व बच्चों के खिलौने देखकर खुशी जताई। इस दौरान डीपीओ नरेंद्र सिंह व स्वस्थ भारत प्रेरक वेदप्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।
पोषण अभियान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन टाउन हाल सभागार में किया गया। इसमें विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कुपोषण को दूर भगाने का संकल्प दिलाया।
इसमें स्वास्थ्य, पूर्ति, मनरेगा, नगर पालिका, बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। संचालन सीडीपीओ विमलेश आर्या ने किया।
खंड विकास कार्यालय के परिसर पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत छह दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ सीएचसी के प्रभारी डा. विनोद राजपूत की देखरेख में किया गया। जिसमें एनीमिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
डाक्टर अजय कुमार ने कहा कि खून की कमी के चलते अधिकांश बालिकाएं एनीमिया की शिकार हो जाती है।
30 से 40 प्रतिशत गर्भवती की एनीमिया के कारण मौत होती है। प्रदेश में 90 प्रतिशत बालिका एनीमिया से ग्रसित हैं। डाक्टर सुमन ने कहा 10 वर्ष से 19 वर्ष तक की बालिकाओं में खून की कमी के चलते एनीमिया हो जाता है, जिसके चलते सांस फूलना, घबराहट, चक्कर आना, बार बार बीमार पड़ना आदि लक्षण होते है।
एनीमिया के रोकथाम के लिए हरे पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित दालें, तिल, गुड़ खजूर, मांस मछली आदि का सेवन करे। आयरन की एक गोली खाना खाने के बाद खाए। इस दौरान आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मालती द्विवेदी, आशा, अरुणा, सीमा, पुष्पा, किरन, सुधा, गुड्डी, रजिया, बीना, मोहिनी, नंदिनी, कलावती, प्रियंका, रानी आदि आंगनबाड़ी मौजूद रही।
पांच गर्भवती की गोद भराई, पोषाहार बांटा
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
खून की कमी से किशोरियों व गर्भवती में एनीमिया