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हैसियत प्रमाणपत्र के लिए अब नहीं लगाना होगा चक्कर
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उरई। अब हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले में हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने की ऑनलाइन व्यवस्था कर दी है। इससे एक क्लिक के साथ अब लोगों को हैसियत प्रमाणपत्र मिल सकेंगे। सोमवार को अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने सभी उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए है कि वह अपने क्षेत्र में ऑनलाइन व्यवस्था लागू करें।
ठेकेदारी व अन्य टेंडरों से संबंधित कार्यों के लिए हैसियत प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है। जिले में हैसियत प्रमाणपत्र अब तक मैनुअल तरीके से बनाया जाता रहा है। इसमें आवेदक को तहसील से लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय सहित कई विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में सभी विभाग आवेदक की हैसियत के अनुसार अपनी रिपोर्ट देते है।
इस जटिल प्रक्रिया में जहां आवेदक का काफी समय बर्बाद होता है, वहीं उसे विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार से भी जूझना पड़ता है। यही नहीं इसे बनाने की कोई समय सीमा तय न होने से विभागों में तैनात बाबू रिपोर्ट के लिए आवेदक को कई चक्कर लगवाते हैं। इसको देखते हुए शासन ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए है।
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शासन से हरी झंडी मिलने पर अपर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि अपने क्षेत्र में बिना ऑनलाइन व्यवस्था कोई भी आवेदन स्वीकार न करें। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि शासन के सख्त निर्देश है कि हैसियत को ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से ही बनाया जाए, जिससे आवेदकों को कोई परेशानी न हो और समय सीमा के अंदर प्रमाणपत्र भी मिल सके।
उधर, ईडीएम पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदक को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वहीं किसी भी जन सुविधा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ ही उसे प्रमाणपत्र जारी करने की तिथि भी मिल जाएगी। तय तिथि पर वह अपना प्रमाण पत्र ले सकेगा।
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ठेकेदारी व अन्य टेंडरों से संबंधित कार्यों के लिए हैसियत प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है। जिले में हैसियत प्रमाणपत्र अब तक मैनुअल तरीके से बनाया जाता रहा है। इसमें आवेदक को तहसील से लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय सहित कई विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में सभी विभाग आवेदक की हैसियत के अनुसार अपनी रिपोर्ट देते है।
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इस जटिल प्रक्रिया में जहां आवेदक का काफी समय बर्बाद होता है, वहीं उसे विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार से भी जूझना पड़ता है। यही नहीं इसे बनाने की कोई समय सीमा तय न होने से विभागों में तैनात बाबू रिपोर्ट के लिए आवेदक को कई चक्कर लगवाते हैं। इसको देखते हुए शासन ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए है।
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शासन से हरी झंडी मिलने पर अपर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि अपने क्षेत्र में बिना ऑनलाइन व्यवस्था कोई भी आवेदन स्वीकार न करें। अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि शासन के सख्त निर्देश है कि हैसियत को ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से ही बनाया जाए, जिससे आवेदकों को कोई परेशानी न हो और समय सीमा के अंदर प्रमाणपत्र भी मिल सके।
उधर, ईडीएम पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदक को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वहीं किसी भी जन सुविधा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ ही उसे प्रमाणपत्र जारी करने की तिथि भी मिल जाएगी। तय तिथि पर वह अपना प्रमाण पत्र ले सकेगा।