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अलग अलग गोशालओं कें 28 मवेशियों की मौत से हड़कंप

Wed, 18 Dec 2019 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 11:33 PM IST
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28 cattle killed in different cowsheds
जनपद में एक ही रात में आटा, एट और जालौन क्षेत्र की गोशालाओं के कुल 28 मवेशियों की ठंड से मौत हो गई। सूचना पर अधिकारी भी गोशालाओं के इंतजाम देखने पहुंच गए।
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कालपी एसडीएम कौशल कुमार के मुताबिक आटा में मरने वाले मवेशी गोशाला के नहीं बल्कि गांव के ही पशु पालकों के है, फिर भी गोशाला में जो कमियां हैं, उन्हें दूर कराया जा रहा है।
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आटा के कुरहना आलमगीर गांव में 11 मवेशियों के शव पड़े देखे। इस पर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कालपी कौशल कुमार व बीडीओ अतिरंजन सिंह को सूचना दी। उपजिलाधिकारी ने गोशाला का निरीक्षण किया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गोशाला में अव्यवस्था का आलम है। देख-रेख के अभाव में जानवर दम तोड़ रहे है, इतना ही नहीं गोशाला कर्मी मवेशियों के शवों को ऐसे ही खुले में फेंक देते है, जिससे गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके बाद उपजिलाधिकारी ने गोशाला पहुंच कर मौजूद मवेशियों की गिनती कर खान पान की व्यवस्था देखी। इस दौरान गोशाला में छाया के इंतजाम न देख नाराजगी व्यक्त की और प्रधान को निर्देश दिए कि जल्द सर्दी से बचाव के लिए टट्टर व तिरपाल लगाए जाए।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि मवेशी गोशाला के है, लेकिन जांच में मृत गोवंश ग्रामीणों के हैं। एट प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार को एक बार फिर क्षेत्र की पिंडारी गोशाला में 10 गायों की मौत हो गई। प्रधान पति राजेंद्र पालीवाल और ग्रामीणों के बीच गोवंशों की मौत को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में मवेशियों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। इससे आए दिन मवेशियों की मौत हो रही है।
जालौन के विकास खंड के औरेखी गांव में संचालित अस्थायी गोशाला में सात मवेशियों की मौत हो गई। ठंड लगने से हुई मवेशियों की मौत की सूचना मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और गायों का पोस्टमार्टम कराया।
ग्रामीण लल्लू पाल, रामकुमार दुबे, ठाकुर कुशवाहा, पूरन दोहरे का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण गोशाला में अभी तक छाया की व्यवस्था नहीं थी। अब छाया कराई जा रही है। तहसीलदार बलराम गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी को मौके पर बुलाकर गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराया।

जिससे गायों की मौत की स्पष्ट जानकारी मिल सके। तहसीलदार ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि तीन मवेशी बीमार थे, जिनकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गोशाला में जो भी कमी है, उसे जल्द पूरा कराया जाएगा। वहीं, तीनों ही जगहों पर मवेशियों की मौत के संदर्भ में एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि वे स्वयं गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे और जहां पर भी कमियां है, वहां के इंतजाम पूरे कराए जाएंगे।
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