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Jalaun News: एक करोड़ में 22 लाख खाए.... ईओ साहब, हम निकलवा लेंगे
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फोटो - 19 ईओ राम अचल कुरील से होती नोंकझोंक। सोशल मीडिया
उरई। एक करोड़ में 22 लाख खाए... ईओ साहब, हम निकलवा लेंगे ...। नगर पालिका परिषद कार्यालय में सोमवार को 34 में से 20 सभासदों ने अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील के खिलाफ भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के दौरान सभासदों और ईओ के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका में विकास कार्यों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की निविदाओं और विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। इसी दौरान सभासद विपिन सेठ ने गुस्से में कहा, एक करोड़ में 22 लाख खाए हैं, हम निकलवा लेंगे ईओ साहब। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी सुनाई दे रहा है, जिसके बाद मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।
सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से पांच फरवरी 2026 और 16 फरवरी 2026 को ई-निविदा के माध्यम से कई टेंडर जारी किए गए थे। इनमें कुछ टेंडरों में लगभग 22 प्रतिशत तक प्रतिस्पर्धा हुई थी। इससे नगर पालिका को लाखों रुपये का लाभ हो सकता था। आरोप है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाले इन टेंडरों में 30 से 35 लाख रुपये तक राजस्व की बचत संभव थी, लेकिन ईओ ने अपने करीबी ठेकेदारों को फुल रेट पर कार्य आवंटित कर दिया।
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सभासदों का कहना है कि इस पूरे मामले में नगर पालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्वार्थों के चलते नियमों की अनदेखी की गई और टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। हंगामे के दौरान जब सभासदों ने ईओ से जवाब मांगा तो माहौल और गरमा गया। आरोप है कि ईओ ने नाराज होकर सभासदों से कार्यालय से बाहर निकलने तक की बात कह दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बताया गया कि सभासद पहले भी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभासदों का कहना है कि यदि जल्द जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं ईओ रामअचल कुरील का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
अभिलेखों की छायाप्रति मांगने पहुंचे सभासद
हंगामे के बीच सभासदों ने नगर पालिका ईओ को एक पत्र भी सौंपा। इसमें कई निविदाओं और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सभासदों ने पत्र में मांग की कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के नवीनीकरण की निविदा, शहर में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया, प्रतिभाग करने वाले फर्मों और ठेकेदारों का विवरण तथा उनसे संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अस्थायी रैन बसेरों की निविदा प्रक्रिया, भुगतान विवरण और लहरिया पुरवा व मेडिकल कॉलेज में संचालित शेल्टर होमों पर वर्ष 2023 से अब तक हुए खर्च की जानकारी भी मांगी गई है।
सभासदों ने यह भी मांग उठाई कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पुरानी निविदा निरस्त कर नई प्रक्रिया कब तक पूरी की जाएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही 1 अप्रैल 2025 से अब तक बोर्ड फंड से किए गए भुगतानों का पूरा स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराया जाए।इस दौरान अनिल तिवारी, सभासद वीरेंद्र वर्मा,जयशंकर द्विवेदी, प्रतिनिधि जयनारायण साहू आदि मौजूद रहे।
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सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका में विकास कार्यों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की निविदाओं और विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। इसी दौरान सभासद विपिन सेठ ने गुस्से में कहा, एक करोड़ में 22 लाख खाए हैं, हम निकलवा लेंगे ईओ साहब। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी सुनाई दे रहा है, जिसके बाद मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।
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सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से पांच फरवरी 2026 और 16 फरवरी 2026 को ई-निविदा के माध्यम से कई टेंडर जारी किए गए थे। इनमें कुछ टेंडरों में लगभग 22 प्रतिशत तक प्रतिस्पर्धा हुई थी। इससे नगर पालिका को लाखों रुपये का लाभ हो सकता था। आरोप है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाले इन टेंडरों में 30 से 35 लाख रुपये तक राजस्व की बचत संभव थी, लेकिन ईओ ने अपने करीबी ठेकेदारों को फुल रेट पर कार्य आवंटित कर दिया।
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सभासदों का कहना है कि इस पूरे मामले में नगर पालिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्वार्थों के चलते नियमों की अनदेखी की गई और टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। हंगामे के दौरान जब सभासदों ने ईओ से जवाब मांगा तो माहौल और गरमा गया। आरोप है कि ईओ ने नाराज होकर सभासदों से कार्यालय से बाहर निकलने तक की बात कह दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बताया गया कि सभासद पहले भी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभासदों का कहना है कि यदि जल्द जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं ईओ रामअचल कुरील का कहना है कि उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
अभिलेखों की छायाप्रति मांगने पहुंचे सभासद
हंगामे के बीच सभासदों ने नगर पालिका ईओ को एक पत्र भी सौंपा। इसमें कई निविदाओं और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सभासदों ने पत्र में मांग की कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के नवीनीकरण की निविदा, शहर में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया, प्रतिभाग करने वाले फर्मों और ठेकेदारों का विवरण तथा उनसे संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में अस्थायी रैन बसेरों की निविदा प्रक्रिया, भुगतान विवरण और लहरिया पुरवा व मेडिकल कॉलेज में संचालित शेल्टर होमों पर वर्ष 2023 से अब तक हुए खर्च की जानकारी भी मांगी गई है।
सभासदों ने यह भी मांग उठाई कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पुरानी निविदा निरस्त कर नई प्रक्रिया कब तक पूरी की जाएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही 1 अप्रैल 2025 से अब तक बोर्ड फंड से किए गए भुगतानों का पूरा स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराया जाए।इस दौरान अनिल तिवारी, सभासद वीरेंद्र वर्मा,जयशंकर द्विवेदी, प्रतिनिधि जयनारायण साहू आदि मौजूद रहे।