फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   पलक झपकते ही फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी

पलक झपकते ही फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी

Mon, 14 Jan 2019 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:46 PM IST
विज्ञापन
पलक झपकते ही फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी
उरई। किसानों को अन्ना के कहर से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने 10 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन डेड लाइन बीतने के बाद भी जिले में अन्ना का कहर बदस्तूर जारी है। रोजाना अन्ना मवेशी किसी न किसी क्षेत्र में किसानों की फसल को चट कर रहे है। स्थिति यह है कि अभी भी किसानों को रात रात भर जाग कर अपने खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। हालांकि प्रशासनिक प्रयास व बंद पड़ी गोशालाओं के चालू होने से किसानों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह राहत ऊंट के मुंह में जीरे के समान लग रही है। अभी भी किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
विज्ञापन


मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, डकोर ब्लाक के गंाव मुहम्मदाबाद में अन्ना ने शनिवार रात कहर बरपाते हुए क्षेत्र के किसानों की दस बीघा फसल को चट कर दी। अन्ना के झुंड ने गेहूं, चना, मटर और मसूर की फसल को चरने के साथ-साथ रौंदकर बर्बाद भी कर दिया। जबकि किसान रात-रात भर जाग कर रखवाली कर रहे हैं, लेकिन नजर चूकते ही अन्ना का रैला खेतों से गुजर जाता है। गांव के किसान दारा सिंह अहिरवार ने बताया कि उसने दो बीघा में गेहूं की फसल बोई थी, जिसे रात को अन्ना ने चट कर दिया। इस प्रकार अवध तिवारी की दो बीघा, लक्ष्मी अहिरवार की दो बीघा फसल को अन्ना ने चर लिया, इसके अलावा दो और किसानों की चार बीघा फसल भी चट कर दी। आक्रोशित किसानों ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में मुआवजे की मांग की।
विज्ञापन


कदौरा प्रतिनिधि के मुताबिक, क्षेत्र में अन्ना एक बड़ी समस्या बनती जा रही है स्थिति यह है कि अभी कुछ दिन पहले अन्ना को लेकर किसान सड़कों पर उतर आए थे। किसानों के आक्रोश व शासन की चेतावनी के बाद अधिकारियों ने यहां बन रही गोशाला का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। निर्देश से गोशाला निर्माण में तेजी तो आई, लेकिन अभी भी गोशाला में तैयार होने में काफी समय है। इससे क्षेत्र में अभी भी किसान अन्ना समस्या से जूझ रहे है। किसान दीन दयाल, राम बहादुर, मनीराम आदि का कहना है कि दस जनवरी के निर्देश के बाद उन्हें उम्मीद थी कि शायद अब उन्हें पूर्णता इस समस्या से मुक्ति मिल जाए, लेकिन स्थिति जस की तस है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अन्ना मवेशियों को सड़कों से हटाने के लिए प्रशासन तेजी से मुहिम चला रहा है, लेकिन इस मुहिम में कितना दमखम है। इसकी नजीर शहर के आईटीआई कालेज के सामने सड़क पर देखने को मिल रही है। जहां सैकड़ों की संख्या में अन्ना का झुंड घूमता रहता है। इससे जहां राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं आसपास के किसान दहशत में है कि कहीं अन्ना का रुख उनके खेत की तरफ न हो जाए। यही वजह है कि भीषण सर्दी में भी यहां के किसान रात में खतों पर खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर है। किसान रिंकू त्रिपाठी, राम नरेश, अंगद आदि का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी अब तक प्रशासन ने यहां से इन जानवरों को नहीं हटाया। जिससे यह जानवर रोजाना खेतों में घुस कर नुकसान करते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed