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चार साल बाद होली में नेताओं ने ली वोटरों की सुध
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फागुन के साथ चुनावी माह का असर इस बार गांव कस्बों की सड़कों, चौराहों और बाजारों में भी दिखा। जहां सुबह से ही कुर्ता पैजामा और सफेद जूते पहने नेता तो कहीं उनके समर्थक लोगों से बतियाते, उनकी नब्ज टटोलते नजर आए।
हाथ मिलाया, पैर छुए और घर से लेकर व्यापार नौकरी तक की बातचीत की। जब चलने लगे तो नेता यह भी कहते सुने गए कि भइया पार्टी ने लड़ा दिया है तो बस इज्जत रखना।
लोग भी समझ रहे है कि नेता जी को इस होली में उनकी नहीं बल्कि वोटों की याद आई है। जिस कारण आज काफी समय बाद नेताओं को होली में वोटरों की सुध आई, वर्ना दरवाजे पर जाओ तो भी सुनने को मिलता है कि नेताजी लखनऊ में हैं।
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जनपद में दो अप्रैल से नामांकन होना है, कांग्रेस और गठबंधन ने अपने प्रत्याशी भी मैदान में उतार दिए हैं तो भाजपा में भी संभावित दावेदार स्वयं को प्रत्याशी मानकर होली में सड़कों पर खड़े नजर आए।
कोंच का जवाहननगर, मारंकडेश्व तिराहा, सुभाष नगर, पटेल नगर की गलियां हो या फिर जालौन तहसील के गांव सहाव, सुढ़ार, सालाबाद, छिरिया सलेमपुर, सिकरीराजा, छानी आदि गांव हो सभी स्थानों पर सुबह से ही नेताओं की सफेद गाड़ियां घूमती नजर आई।
इसी तरह कालपी के टरननगंज, राम चबूतरा, मिर्जा मंडी हो सभी जगह पर होलिका दहन के साथ-साथ चुनावी अबीर गुलाल भी जमकर उड़ा। मतदाताओं का कहना है कि चार पांच साल बाद नेताओं संग होली मनाने का मौका मिला है, अगली बार चार साल बाद पता नहीं किसके संग होली मनाने को मिले। फिलहाल जनता जर्नादन का फैसला तो 29 अप्रैल को ईवीएम का बटन दबाकर ही होगा।
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हाथ मिलाया, पैर छुए और घर से लेकर व्यापार नौकरी तक की बातचीत की। जब चलने लगे तो नेता यह भी कहते सुने गए कि भइया पार्टी ने लड़ा दिया है तो बस इज्जत रखना।
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लोग भी समझ रहे है कि नेता जी को इस होली में उनकी नहीं बल्कि वोटों की याद आई है। जिस कारण आज काफी समय बाद नेताओं को होली में वोटरों की सुध आई, वर्ना दरवाजे पर जाओ तो भी सुनने को मिलता है कि नेताजी लखनऊ में हैं।
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जनपद में दो अप्रैल से नामांकन होना है, कांग्रेस और गठबंधन ने अपने प्रत्याशी भी मैदान में उतार दिए हैं तो भाजपा में भी संभावित दावेदार स्वयं को प्रत्याशी मानकर होली में सड़कों पर खड़े नजर आए।
कोंच का जवाहननगर, मारंकडेश्व तिराहा, सुभाष नगर, पटेल नगर की गलियां हो या फिर जालौन तहसील के गांव सहाव, सुढ़ार, सालाबाद, छिरिया सलेमपुर, सिकरीराजा, छानी आदि गांव हो सभी स्थानों पर सुबह से ही नेताओं की सफेद गाड़ियां घूमती नजर आई।
इसी तरह कालपी के टरननगंज, राम चबूतरा, मिर्जा मंडी हो सभी जगह पर होलिका दहन के साथ-साथ चुनावी अबीर गुलाल भी जमकर उड़ा। मतदाताओं का कहना है कि चार पांच साल बाद नेताओं संग होली मनाने का मौका मिला है, अगली बार चार साल बाद पता नहीं किसके संग होली मनाने को मिले। फिलहाल जनता जर्नादन का फैसला तो 29 अप्रैल को ईवीएम का बटन दबाकर ही होगा।