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फीडर की मशीनें पुरानी, रहतीं आएदिन खराब
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सिरसाकलार (जालौन)। सिरसाकलार के 33 केवी फीडर की ओसीबी मशीनें पुरानी होने के कारण लोड नहीं ले पा रही है। इसके चलते आएदिन फीडर खराब हो जाता है और इलाके के लगभग पचास गांवों में अंधेरा छा जाता है। लोगों का कहना है कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब गर्मी का मौसम आने वाला है। यदि जल्द ही समस्या का निदान नहीं हुआ तो भीषण गर्मी में समस्या बढ़ सकती है।
सिरसाकलार फीडर को तीन क्षेत्रों में बांटकर अलग-अलग सप्लाई की जा रही है। इसमें एक से जखा, दूसरे से सिरसाकलार व तीसरे से दमरास क्षेत्र के गांवों में बिजली सप्लाई की जाती है। दमरास क्षेत्र से करीब दो दर्जन गांव जुड़े है और इसकी ओसीबी मशीनें भी पुरानी हो गईं हैं। जो इतने गांवों का लोड ले पाने की स्थिति में नहीं है। शाम के समय जैसे ही बिजली का लोड पड़ता है तो मशीनें बैठ जाती है।
इससे इन गांवों में अंधेरा छा जाता है। यहां तैनात लाइनमैन वीरसिंह व रामवीर ने बताया कि स्टेबलाइजर 12 किलोवाट का है, जबकि यहां 24 किलोवाट वाले स्टेबलाइजर की जरूरत है। पुरानी मशीन होने के कारण कट नहीं करती है। इससे आएदिन खतरा बना रहता है। कई बार मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इलाकाई सुरेंद्र सिंह, महेश, विनोद, बांकेलाल का कहना है कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल सूख रही है, बिजली के अभाव में सिंचाई नहीं कर पा रहे है।
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वहीं पावर कनेक्शन धारक चक्की वालों का कहना है कि हर महीने समय से बिजली बिल का भुगतान करते है। पिसाई न होने के कारण धंधा ठप पड़ा है। बिजली बिल का भुगतान घर के पैसों से करना पड़ रहा है। आशु कुमार कहते हैं कि बिजली की आवाजाही से मच्छर नींद हराम किए रहते हैं। शिकायत करने के लिए फोन करो तो वो नहीं उठता है। कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।
मोनू सिंह का कहना है कि बिजली घर में सब कुछ खराब है। जर्जर ओसीबी, जर्जर ट्रांसफार्मर है। जो लोड नहीं सह पाते है और बार-बार बिजली ट्रिप कर जाती है। कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
बिजली विभाग के अवर अभियंता आलोक खरे का कहना है कि समस्या को लेकर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। नई मशीन आने पर बदलवा दिया जाएगा।
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सिरसाकलार फीडर को तीन क्षेत्रों में बांटकर अलग-अलग सप्लाई की जा रही है। इसमें एक से जखा, दूसरे से सिरसाकलार व तीसरे से दमरास क्षेत्र के गांवों में बिजली सप्लाई की जाती है। दमरास क्षेत्र से करीब दो दर्जन गांव जुड़े है और इसकी ओसीबी मशीनें भी पुरानी हो गईं हैं। जो इतने गांवों का लोड ले पाने की स्थिति में नहीं है। शाम के समय जैसे ही बिजली का लोड पड़ता है तो मशीनें बैठ जाती है।
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इससे इन गांवों में अंधेरा छा जाता है। यहां तैनात लाइनमैन वीरसिंह व रामवीर ने बताया कि स्टेबलाइजर 12 किलोवाट का है, जबकि यहां 24 किलोवाट वाले स्टेबलाइजर की जरूरत है। पुरानी मशीन होने के कारण कट नहीं करती है। इससे आएदिन खतरा बना रहता है। कई बार मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इलाकाई सुरेंद्र सिंह, महेश, विनोद, बांकेलाल का कहना है कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल सूख रही है, बिजली के अभाव में सिंचाई नहीं कर पा रहे है।
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वहीं पावर कनेक्शन धारक चक्की वालों का कहना है कि हर महीने समय से बिजली बिल का भुगतान करते है। पिसाई न होने के कारण धंधा ठप पड़ा है। बिजली बिल का भुगतान घर के पैसों से करना पड़ रहा है। आशु कुमार कहते हैं कि बिजली की आवाजाही से मच्छर नींद हराम किए रहते हैं। शिकायत करने के लिए फोन करो तो वो नहीं उठता है। कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।
मोनू सिंह का कहना है कि बिजली घर में सब कुछ खराब है। जर्जर ओसीबी, जर्जर ट्रांसफार्मर है। जो लोड नहीं सह पाते है और बार-बार बिजली ट्रिप कर जाती है। कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
बिजली विभाग के अवर अभियंता आलोक खरे का कहना है कि समस्या को लेकर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। नई मशीन आने पर बदलवा दिया जाएगा।