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अतिक्रमण करने पर खैर नहीं, कैद सहित जुर्माना

Mon, 17 Dec 2012 10:46 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Mon, 17 Dec 2012 10:46 AM IST
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jail with penalty for illegal construction

राज्य सरकार ने सड़कों पर लगने वाले जाम और अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकारी या प्राधिकरण की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक साल की कैद के साथ 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान कर दिया गया है।

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इसके अलावा सार्वजनिक मार्ग की नालियों, सीढ़ियों या फिर सार्वजनिक स्थान पर भवन सामग्री रखने वालों पर एक माह तक कारावास या 2000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
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सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, यूपी आवास विकास परिषद के आयुक्त व स्थानीय निकाय के अध्यक्ष के नाम जारी पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि अतिक्रमण को दंडनीय व संज्ञेय अपराध घोषित करने का निर्णय किया गया है। नगर निगम और पालिका परिषद अधिनियम में भी इसकी व्यवस्था दी गई है। इसके पहले भी इस तरह के कई आदेश जारी किए जा चुके हैं।
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राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्था के मुताबिक अतिक्रमण करने वाले या फिर मार्ग में बाधा पहुंचाने वाले को पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद अभियान चलाकर उसे हटा दिया जाएगा। पर काफी गरीब व्यक्ति द्वारा किए गए अवैध कब्जे को तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक उसके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं कर दी जाती है। नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 521 में नगर आयुक्त को अतिक्रमण हटाने के साथ वसूली का अधिकार दिया गया है।


इसी तरह पालिका परिषद में भी अधिशासी अधिकारी को अधिकार दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के बाद उक्त स्थल के समुचित रख-रखाव, उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पुन: उस स्थान पर कब्जा न होने पाए। निकाय अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जल निकासी की व्यवस्था कराने के बाद सड़क का चौड़ीकरण करा दिया जाए, ताकि खाली जमीन पर अवैध कब्जा न होने पाए। शहरों में हुए अतिक्रमण को खाली करने के लिए शीघ्र ही विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य बातें
- सार्वजनिक स्थान पर कब्जा करने पर एक साल की सजा के साथ 20 हजार जुर्माना
- सार्वजनिक स्थान पर सामग्री रखने पर एक माह तक सजा के साथ 2000 जुर्माना
- महत्वपूर्ण मार्गों, चौराहों, स्थलों व सार्वजनिक स्थल पर हुए अतिक्रमण हटेंगे
- राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्ग व नगरीय क्षेत्र के मुख्य मार्ग से हटेंगे अवैध कब्जे
- नक्शा पास हुए बिना हुए निर्माणों के खिलाफ भी चलेगा व्यापक अभियान
- सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण की शिकायत पर थानेदार को करनी होगी कार्रवाई
- हटाए गए अतिक्रमण का थानों पर रजिस्टर के साथ फोटोग्राफ का रखा जाएगा एलबम
- पुन: अतिक्रमण होने पर संबंधित थाने का थानेदार होगा जिम्मेदार
- जिलाधिकारी को अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस की करनी होगी तत्काल व्यवस्था
- अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
- मंडलायुक्त अतिक्रमण हटाने की करेंगे निगरानी और शासन को प्रतिमाह भेजी जाएगी रिपोर्ट

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