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Hathras News: बुखार से पीड़ित युवक की गई जान
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बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन।संवाद
- फोटो : samvad
जिले में बुखार और मौसमी बीमारियों का प्रकोप जारी है। मंगलवार सुबह शहर के मोहल्ला कोठी बेलनशाह निवासी 35 वर्षीय महेश की मौत हो गई। परिजनों ने बताया है कि वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित था।
पिता ओमप्रकाश ने बताया कि महेश की प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं। निजी चिकित्सक से इलाज के बावजूद सोमवार रात तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इधर, मौसम के बदलाव और दूषित खानपान के कारण जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा लगी हैं। सुबह से ही परचा काउंटर, ओपीडी और पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। बुखार के साथ-साथ उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। फिजीशियन डॉ. अवधेश कुमार का कहना है कि दूषित पानी और बाहर का खाना बीमारियों को और बढ़ा रहा है। मंगलवार को अस्पताल में 2600 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे जिनमें 800 के करीब मरीज वायरल बुखार, 540 मरीज उल्टी-दस्त व पेट रोग के थे। शेष अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।
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-कई दिनों से बुखार आ रहा है। सिकंदराराऊ सीएचसी से राहत न मिलने पर जिला अस्पताल आना पड़ा। बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो गई हैं और खून की जांच कराई है। -हरिकेश, सिकंदराराऊ।
-परिवार के सदस्य एक-एक कर बीमार पड़े थे। अब मुझे भी बुखार ने घेर लिया है। पूरा बदन टूट रहा है और कमजोरी है। जिला अस्पताल में जांच कराने पर डॉक्टरों ने वायरल बुखार बताया है। -रोशनलाल, कछपुरा।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
-पानी हमेशा उबालकर या शुद्ध करके ही पीएं।
-बासी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करें।
-भीड़-भाड़ वाले स्थान पर मास्क का प्रयोग करें और सर्द-गर्म से बचें।
-बुखार आने पर मनमर्जी से दवा न लें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
युवक को मृत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया है कि युवक को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। -डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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पिता ओमप्रकाश ने बताया कि महेश की प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं। निजी चिकित्सक से इलाज के बावजूद सोमवार रात तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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इधर, मौसम के बदलाव और दूषित खानपान के कारण जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा लगी हैं। सुबह से ही परचा काउंटर, ओपीडी और पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। बुखार के साथ-साथ उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। फिजीशियन डॉ. अवधेश कुमार का कहना है कि दूषित पानी और बाहर का खाना बीमारियों को और बढ़ा रहा है। मंगलवार को अस्पताल में 2600 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे जिनमें 800 के करीब मरीज वायरल बुखार, 540 मरीज उल्टी-दस्त व पेट रोग के थे। शेष अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।
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-कई दिनों से बुखार आ रहा है। सिकंदराराऊ सीएचसी से राहत न मिलने पर जिला अस्पताल आना पड़ा। बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो गई हैं और खून की जांच कराई है। -हरिकेश, सिकंदराराऊ।
-परिवार के सदस्य एक-एक कर बीमार पड़े थे। अब मुझे भी बुखार ने घेर लिया है। पूरा बदन टूट रहा है और कमजोरी है। जिला अस्पताल में जांच कराने पर डॉक्टरों ने वायरल बुखार बताया है। -रोशनलाल, कछपुरा।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
-पानी हमेशा उबालकर या शुद्ध करके ही पीएं।
-बासी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करें।
-भीड़-भाड़ वाले स्थान पर मास्क का प्रयोग करें और सर्द-गर्म से बचें।
-बुखार आने पर मनमर्जी से दवा न लें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
युवक को मृत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया है कि युवक को कई दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। -डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल।