{"_id":"58dea1544f1c1bb01063f028","slug":"women-protest-against-opening-of-contract","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेका खुलने के विरोध में महिलाओं ने कोतवाली घेरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेका खुलने के विरोध में महिलाओं ने कोतवाली घेरी
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sat, 01 Apr 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
ठेके के विरोध में कोतवाली पर नारेबाजी करती महिलाएं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदराराऊ नगर के मोहल्ला गढ़ी बुद्धू खां की दर्जनों महिलाएं मोहल्ले में खुल रही शराब की दुकान के विरोध में कोतवाली पहुंची और घेराव करते हुए हंगामा किया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर ठेका खुला तोे वो उसमें आग लगा देंगी।
शुक्रवार को मोहल्ला रोशनगंज में ठेका खुलने का विरोध हुआ। नागरिकों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर इसका तगड़ा विरोध किया था। अब मोहल्ला गढ़ी बुद्धू खां में ठेका खुलने वाला है तो वहां की महिलाएं इसके विरोध में शुक्रवार को इकट्ठी होकर कोतवाली आ गई।
महिलाओं का कहना था कि जहां ठेका खुलाना प्रस्तावित है, वहां से महज पचास मीटर की दूरी पर सरस्वती विद्या मंदिर तथा इंटर कॉलेज है। महिलाओं ने कोतवाली पर जम कर हंगामा तथा नारेबाजी कर ठेके का विरोध किया। महिलाओं का कहना है कि पहले ही पुरुष शराब पीकर परेशान करते हैं, अब ठेका खुलने से वे पूरे दिन पीकर हंगामा करेंगे। महिलाओं ने चेतावनी दी कि ठेका खुला तो उसमें आग लगा देंगे। एसओ जगदीश चंद्र ने बताया कि ठेका खुलने से पहले जनहित का ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
शराब की दुकान के विरोध में उतरे ग्रामीण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिलेभर में 50 शराब की दुकानों को नेशनल और स्टेट हाईवे से शिफ्ट किया जाना है। हैरत की बात यह है कि जहां भी इन दुकानों को शिफ्ट किया जा रहा है, वहां लोग विरोध में खड़े होते जा रहे हैं। जलेसर रोड के बाद शुक्रवार को चंदपा क्षेत्र के लोगों ने भी शराब की दुकान का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों को गांव बघना, खेड़ा परसौली, संटीकरा और झींगुरा की प्रधान ने भी समर्थन किया है। यह शराब की दुकान बघना रोड पर बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान के पास ही एक स्कूल है। वैसे भी स्कूल के पास शराब की दुकान बनाना शासनादेश का उल्लंघन है। रास्ते पर दस बजे महिलाएं और पुरुषों का आवागमन रहता है। शराब की दुकान खुलने से नशे में धुत लोग वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। इससे खासकर महिलाओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर गौर करने का भरोसा दिलाया है।
राजमार्गों से हटेंगी शराब की 50 दुकानें और बार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों से शराब की 50 दुकानों और एक बार को हटाया जाएगा। एक अप्रैल से इन दुकानों पर शराब की बिक्री बंद हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाने के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस ली है।
जिले से आगरा-अलीगढ़, मथुरा-बरेली और दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे गुजरते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब की दुकानों, रेस्टारेंट और बार में शराब की बिक्री पर एक अप्रैल से रोक लगा दी है। हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर भी शराब की दुकान नहीं खुल सकेगी। हालांकि जिन कस्बों में आबादी 20 हजार से कम है, ऐसी जगहों पर हाईवे से 220 मीटर अंदर शराब की दुकान खोली जा सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिले की करीब 50 दुकानें प्रभावित हो रही हैं। इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की कवायद चल रही है, लेकिन जहां भी इन ठेकों को शिफ्ट किया जा रहा है, इलाके के लोग विरोध में अपना स्वर बुलंद कर रहे हैं। एक अप्रैल से यहां शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। दुकानाें को दूसरी जगह शिफ्ट भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार को मोहल्ला रोशनगंज में ठेका खुलने का विरोध हुआ। नागरिकों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर इसका तगड़ा विरोध किया था। अब मोहल्ला गढ़ी बुद्धू खां में ठेका खुलने वाला है तो वहां की महिलाएं इसके विरोध में शुक्रवार को इकट्ठी होकर कोतवाली आ गई।
विज्ञापन
महिलाओं का कहना था कि जहां ठेका खुलाना प्रस्तावित है, वहां से महज पचास मीटर की दूरी पर सरस्वती विद्या मंदिर तथा इंटर कॉलेज है। महिलाओं ने कोतवाली पर जम कर हंगामा तथा नारेबाजी कर ठेके का विरोध किया। महिलाओं का कहना है कि पहले ही पुरुष शराब पीकर परेशान करते हैं, अब ठेका खुलने से वे पूरे दिन पीकर हंगामा करेंगे। महिलाओं ने चेतावनी दी कि ठेका खुला तो उसमें आग लगा देंगे। एसओ जगदीश चंद्र ने बताया कि ठेका खुलने से पहले जनहित का ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
शराब की दुकान के विरोध में उतरे ग्रामीण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिलेभर में 50 शराब की दुकानों को नेशनल और स्टेट हाईवे से शिफ्ट किया जाना है। हैरत की बात यह है कि जहां भी इन दुकानों को शिफ्ट किया जा रहा है, वहां लोग विरोध में खड़े होते जा रहे हैं। जलेसर रोड के बाद शुक्रवार को चंदपा क्षेत्र के लोगों ने भी शराब की दुकान का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों को गांव बघना, खेड़ा परसौली, संटीकरा और झींगुरा की प्रधान ने भी समर्थन किया है। यह शराब की दुकान बघना रोड पर बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान के पास ही एक स्कूल है। वैसे भी स्कूल के पास शराब की दुकान बनाना शासनादेश का उल्लंघन है। रास्ते पर दस बजे महिलाएं और पुरुषों का आवागमन रहता है। शराब की दुकान खुलने से नशे में धुत लोग वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। इससे खासकर महिलाओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत पर गौर करने का भरोसा दिलाया है।
राजमार्गों से हटेंगी शराब की 50 दुकानें और बार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों से शराब की 50 दुकानों और एक बार को हटाया जाएगा। एक अप्रैल से इन दुकानों पर शराब की बिक्री बंद हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाने के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस ली है।
जिले से आगरा-अलीगढ़, मथुरा-बरेली और दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे गुजरते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब की दुकानों, रेस्टारेंट और बार में शराब की बिक्री पर एक अप्रैल से रोक लगा दी है। हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर भी शराब की दुकान नहीं खुल सकेगी। हालांकि जिन कस्बों में आबादी 20 हजार से कम है, ऐसी जगहों पर हाईवे से 220 मीटर अंदर शराब की दुकान खोली जा सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जिले की करीब 50 दुकानें प्रभावित हो रही हैं। इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की कवायद चल रही है, लेकिन जहां भी इन ठेकों को शिफ्ट किया जा रहा है, इलाके के लोग विरोध में अपना स्वर बुलंद कर रहे हैं। एक अप्रैल से यहां शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। दुकानाें को दूसरी जगह शिफ्ट भी किया जा रहा है।