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सड़क के लिए पानी की टंकी पर चढ़ीं नगला धाधू की महिलाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो,सादाबाद (हाथरस)।
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:27 AM IST
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नगला धाधू गांव में सड़क की समस्या को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ी महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
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ग्राम पंचायत दगसह के मजरा नगला धाधू में बदहाल हो चुके गांव के मुख्य मार्ग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने मंगलवार को यहां लगे तहसील समाधान दिवस में डीएम को ज्ञापन सौंपकर रास्ते की बदहाली को दूर करने की मांग की, लेकिन हर बार की तरह अफसरों द्वारा सिर्फ आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने तहसील दिवस से बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद गांव के कई महिलाएं तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाओं के इस कदम के बाद डीएम के तहसील दिवस में अफरातफरी मच गई।
गांव नगला धाधू को जाने वाला मुख्य मार्ग कच्चा है। बारिश के दिनों में यह मार्ग जलभराव हो जाने की वजह से दलदल बन जाता है। इस मार्ग में गहरे गहरे गड्ढे हो चुके हैं। बारिश में जलभराव के कारण ग्रामीणों का गांव से बाहर आना-जाना मुश्किल हो गया है। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। समस्या की बार-बार मौखिक और कई बार लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन अफसरों ने गांव के लोगों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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मंगलवार को डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य को ज्ञापन सौंपकर इन ग्रामीणों ने रास्ते की बदहाली को दूर करने की मांग की। डीएम ने शिकायत को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर किया। इसके बाद भी ग्रामीण मौके पर ही डटे रहे। रास्ते को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी आरोप लगाए। डीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए लोक निर्माण विभाग के एई बीपीएस यादव और ग्राम पंचायत सचिव को मौके पर भेजा। वहां से रास्ते की बदहाली को देखने के बाद इन अधिकारियों ने बताया कि रास्ता ग्राम पंचायत का है। इसके बनने में लाखों रुपये का खर्चा आएगा।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह इस मार्ग के निर्माण का एस्टीमेट बनाकर उन्हें दें। इसके बाद ग्रामीण तहसील दिवस से बाहर चले गए। इसके बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रास्ते की बदहाली दूर होने का कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच छह-सात महिलाएं तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह महिलाएं काफी ऊपर जाकर टंकी की सीढ़ियों बैठ गईं।
इससे तहसील दिवस में मौजूद एसडीएम सहित कई अधिकारी तहसील दिवस से बाहर आ गए। इन महिलाओं को अधिकारियों ने नीचे से ही समझाकर नीचे उतारने का काफी प्रयास किया, लेकिन महिलाएं नहीं उतरीं। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में मौके पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिप्रकाश शर्मा और अन्य पुलिस कर्मी भी टंकी पर चढ़ गए और महिलाओं को समझाया बुझाया, तब जाकर यह महिलाएं नीचे आईं। मौके से पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में ले लिया। उसपर महिलाओं को उकसाने का आरोप था। बाद में पुलिस ने चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया।
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गुस्साए ग्रामीणों ने तहसील दिवस से बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद गांव के कई महिलाएं तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाओं के इस कदम के बाद डीएम के तहसील दिवस में अफरातफरी मच गई।
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गांव नगला धाधू को जाने वाला मुख्य मार्ग कच्चा है। बारिश के दिनों में यह मार्ग जलभराव हो जाने की वजह से दलदल बन जाता है। इस मार्ग में गहरे गहरे गड्ढे हो चुके हैं। बारिश में जलभराव के कारण ग्रामीणों का गांव से बाहर आना-जाना मुश्किल हो गया है। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। समस्या की बार-बार मौखिक और कई बार लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन अफसरों ने गांव के लोगों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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मंगलवार को डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य को ज्ञापन सौंपकर इन ग्रामीणों ने रास्ते की बदहाली को दूर करने की मांग की। डीएम ने शिकायत को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर किया। इसके बाद भी ग्रामीण मौके पर ही डटे रहे। रास्ते को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी बहस भी हुई। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी आरोप लगाए। डीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए लोक निर्माण विभाग के एई बीपीएस यादव और ग्राम पंचायत सचिव को मौके पर भेजा। वहां से रास्ते की बदहाली को देखने के बाद इन अधिकारियों ने बताया कि रास्ता ग्राम पंचायत का है। इसके बनने में लाखों रुपये का खर्चा आएगा।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह इस मार्ग के निर्माण का एस्टीमेट बनाकर उन्हें दें। इसके बाद ग्रामीण तहसील दिवस से बाहर चले गए। इसके बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रास्ते की बदहाली दूर होने का कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच छह-सात महिलाएं तहसील परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह महिलाएं काफी ऊपर जाकर टंकी की सीढ़ियों बैठ गईं।
इससे तहसील दिवस में मौजूद एसडीएम सहित कई अधिकारी तहसील दिवस से बाहर आ गए। इन महिलाओं को अधिकारियों ने नीचे से ही समझाकर नीचे उतारने का काफी प्रयास किया, लेकिन महिलाएं नहीं उतरीं। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में मौके पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिप्रकाश शर्मा और अन्य पुलिस कर्मी भी टंकी पर चढ़ गए और महिलाओं को समझाया बुझाया, तब जाकर यह महिलाएं नीचे आईं। मौके से पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में ले लिया। उसपर महिलाओं को उकसाने का आरोप था। बाद में पुलिस ने चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया।