फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Witnesses Turn Hostile, Court Acquits Four In Hathras Case

हाथरस: गवाहों के मुकरने पर अदालत ने अपनाया सख्त रुख, वादी पर होगी कार्रवाई, चारों आरोपी बरी

Wed, 04 Nov 2026 01:16 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Wed, 04 Nov 2026 01:16 AM IST
सार

अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। इसके चलते चारों आरोपियों को बरी कर दिया।

विज्ञापन
Witnesses Turn Hostile, Court Acquits Four In Hathras Case
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाथरस की विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के कृष्णा नगर से जुड़े मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में गवाहों के मुकरने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने वादी के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने का आदेश जारी किया।

विज्ञापन


मामला थाना हाथरस गेट अंतर्गत कृष्णा नगर का है। वादी अजय कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 27 फरवरी 2024 की शाम लगभग छह बजे वह दुर्गेश वाटिका के पास खड़ा था। आरोप था कि वहां मौजूद विनय वर्मा ने उसे जातिसूचक शब्द कहे। विरोध करने पर विनय ने अपने भाइयों व साथियों को बुला लिया और मारपीट की।
विज्ञापन


पुलिस ने आईपीसी की धारा 452, 323, 504, 506 भादवि व एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। विशेष सत्र परीक्षण के दौरान अदालत में वादी ने अपने मुख्य बयानों में कहा कि अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी और उसने बिना पढ़े ही तहरीर पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं अन्य गवाह भी भी आरोपियों को पहचानने से मुकर गए। अभियोजन पक्ष की ओर से तीनों गवाहों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। इसके चलते चारों आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायालय ने वादी के खिलाफ धारा 383(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई के लिए अलग से नोटिस जारी करने और यदि नियमानुसार उसने कोई सहायता राशि प्राप्त की है तो उसे सरकार को वापस करने का आदेश जारी किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed