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मेरे बेटे को फंसाने के लिए रचा गया था पूरा ड्रामा : रामवीर

Tue, 05 Jan 2021 12:47 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 12:47 AM IST
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whole political drama has planned to inturupt my son say ramveer upadhyay
पत्रकार वार्ता करते चिरागवीर उपाध्याय। - फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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पूर्व मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि दो दिन पहले गांव दर्शना में जो हंगामा हुआ, वह एक साजिश के तहत हुआ। यह साजिश उनके बेटे चिराग को फंसाने के मकसद से क्षेत्र के ही एक छुटभैया ने रची है। यह लोग उनके बेटे को वहां बुलाना चाहते थे, लेकिन बेटे की जगह मैं वहां पहुंच गया तो साजिश सफल नहीं हो सकी।
इस छुटभैये नेता का नाम पूछने पर उन्होंने उसका नाम बताने से मना कर दिया कि वह उसका नाम अपने मुंह से नहीं लेना चाहते। जनता सब जानती है। रामवीर अपने छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय के निवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने अपने निजी सचिव के खिलाफ दर्ज मुकदमे को खारिज कर तत्काल इस मामले में साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस प्रशासन से की।
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उन्होंने कहा कि यह छुटभैया नेता पिछले 25 साल से उनका विरोध कर रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव उनकी पत्नी के खिलाफ लड़ चुके हैं। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव उनके भाई के खिलाफ लड़ चुके हैं, लेकिन आज तक इस छुटभैये नेता को जीत हासिल नहीं हुई है। जनता ने हमेशा उसे नकार दिया है। उन्होंने कहा कि दर्शना गांव में 31 दिसंबर को हुई घटना के बाद वहां के निवासी महेश कौशिक बार-बार उनके बेटे चिराग उपाध्याय को फोन कर बुला रहा था और यह कह रहा है कि आप गांव में आ जाएं और दूसरा पक्ष जोकि दूसरे समुदाय का है, उसको सबक सिखाया जाएगा।
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रामवीर उपाध्याय ने बताया कि इसकी जानकारी जब चिराग ने उन्हें दी कि और यह बताया कि गांव के महेश कौशिक उन्हें बुला रहे हैं तो मैंने उससे यह कह दिया कि पहले मैं मामले की जानकारी कर लूं। रामवीर ने उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी की तो पता चला कि महेश व उसका परिवार अक्सर गांव में झगड़ता रहता है। रामवीर के मुताबिक उन्होंने इस मामले में एसपी से बात की तो एसपी ने उन्हें बताया कि गांव में शांति है। तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और वहां पुलिस की गारद भी तैनात है।
रामवीर ने बताया कि वह 2 जनवरी 2021 को गांव दर्शना गए। वहां के निवासी अवधेश कौशिक की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए जाना था। महेश व अवधेश का घर पास में ही है। वह पहले महेश के घर चले गए। वहां महेश अपने मां के लगी चोटों के दिखाने के लिए उन्हें अंदर ले गया और उसके बाद वह हाल-चाल पूछकर बाहर आ गए। इसी दौरान दूसरे पक्ष की बुजुर्ग महिला भी बाहर आ गईं और अपनी आपबीती बताने लगीं। इसके बाद वह अवधेश कौशिक के यहां शोक व्यक्त करने पहुंच गए।
उनकी गाड़ियां महेश कौशिक के घर के बाहर ही खड़ी थी। करीब 15 मिनट बाद वहां से अपनी गाड़ी में बैठकर जब जाने को हुए तो महेश उनकी गाड़ी के सामने आकर जोर-जोर से यह कहने लगा कि आपने दूसरे पक्ष को धारा 151 में छुड़वा दिया है। इतना ही नहीं वह फेसबुक लाइव करते हुए नाटक करने लगा। यह कहने लगा कि अंदर से मिट्टी का तेल व पेट्रोल की कट्टी लेकर आओ। घरों में आग लगा दो। रामवीर के मुताबिक उनके सचिव रानू पंडित ने उसे समझाते हुए जब यह कहा कि जरा सुन लो, लेकिन वह फिर भी पागलों की तरह तमाशा करने लगा।
रामवीर के अनुसार वह वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को मामला शांत करने की कहकर चले गए। रामवीर ने कहा कि उन्होंने न तो किसी से इस मामले में समझौते के लिए कहा और न ही किसी से इस केस में कोई वार्ता की। उनके निजी सचिव रानू पंडित के खिलाफ भी झूठा मुकदमा कायम कराया गया है। इसे निरस्त किया जाए। इस छुटभैये नेता व रिपोर्ट दर्ज कराने वाले के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि यह एक सोची समझी साजिश थी।
क्षेत्र के एक छुटभैये नेता ने हंगामा करने वाले युवक महेश कौशिक से दुरभि संधि कर इसे अंजाम देने की कोशिश की। इसकी साजिश यह थी कि उनके बेटे चिराग उपाध्याय को वहां बुलाया जाए और वहां बुलाकर इस तरह का नाटक कर उसे फंसाया जाए। उन्होंने कहा कि यह छुटभैया नेता इस पूरे ड्रामे के तत्काल बाद वहां पहुंच भी गया। यह पूरी साजिश उसी है।
उन्होंने कहा कि उनके विरोधी आज तक 25 साल में एक भी चुनाव उनसे नहीं जीत पाए। अब इस तरह की घटिया हरकतों पर उतर आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महेश से तो उन्हें पूरी सहानुभूति है, लेकिन यदि इस छुटभैये नेता को वास्तव में नेता बनना है तो मेरे खिलाफ कुचक्र रचने के खिलाफ महेश के परिवार की मदद करते और उसे न्याय दिलाते।

साजिशकर्ताओं को पीड़ित परिवार से कोई हमदर्दी नहीं : चिराग
भाजपा नेता चिरागवीर उपाध्याय ने इस मौके पर पत्रकार वार्ता में बताया कि 31 दिसंबर को गांव दर्शना में उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं व महेश कौशिक ने मोबाइल फोन से उन्हें यह जानकारी दी कि हमारे परिवार के साथ मारपीट हुई है और जानलेवा हमला भी किया गया है। मुझे आपकी मदद की आवश्यकता है। चिराग ने बताया कि इस पर उन्होंने कोतवाली निरीक्षक मुरसान से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही महेश के कहने पर दो जनवरी को उसके घर जाने का निर्णय लिया। चिराग ने बताया कि मैंने इस बारे में जब अपने पिता रामवीर उपाध्याय को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने मुझे दर्शना जाने से रोक दिया और यह कहा कि वह एक शोक में दर्शना जाएंगे और महेश व उसके परिजनों से मिलकर पूरी कानूनी मदद करेंगे। इसके बाद वहां यह ड्रामा हुआ। चिराग का कहना है कि यह लोग मुझे बुलाकर वहां फंसाना चाहते थे और इन लोगों ने रानू पंडित के खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया। यदि साजिश रचने वालों को महेश के परिवार से हमदर्दी होती तो वह दूसरे समुदाय के लोगों के खिलाफ मुकदमा धारा 307 में तरमीम कराते। आर्थिक मदद दिलाते, लेकिन इन लोगों का मकसद हमारे खिलाफ साजिश रचना था।

पत्रकार वार्ता करते पूर्व ऊर्जा मंत्री सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय।

पत्रकार वार्ता करते पूर्व ऊर्जा मंत्री सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय।- फोटो : HATHRAS

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