{"_id":"5bf99d0cbdec224155405bd9","slug":"when-married-couple-came-to-police-station-in-wedding-garlands","type":"story","status":"publish","title_hn":"माला पहनकर कोतवाली पहुंच गए दूल्हा-दुल्हन, रिश्ता तोड़ना चाहते थे लड़की वाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माला पहनकर कोतवाली पहुंच गए दूल्हा-दुल्हन, रिश्ता तोड़ना चाहते थे लड़की वाले
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली परिसर में शनिवार को उस समय अजीब-ओ-गरीब स्थिति पैदा हो गई, जब लाल साड़ी पहने एक लड़की और सूट पहने एक लड़का वहां पहुंच गए। दोनों के गले में मालाएं डली हुई थीं। युगल को शादी के लिबास में देखकर वहां वाहनों की नीलामी के लिए पहुंच लोग भौचक्के रह गए।
विज्ञापन
दोनों ने वहां आकर नीलामी की अध्यक्षता कर रहे नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय एवं प्रभारी कोतवाली के पैर छूकर उनका आशीर्वाद मांगा। अधिकारियों ने दोनों की बातें सुनकर उनको आशीर्वाद दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।
विज्ञापन
फीरोजाबाद के मोहल्ला मोहम्म्दपुर पुलिस चौकी निवासी रामेश्वर दयाल ने अपनी बेटी सीमा की मंगनी क्षेत्र के गांव धाधऊ निवासी ओम प्रकाश के बेटे रवि कुमार से की थी। रवि के परिवार वालों ने रक्षाबंधन से दो दिन पहले फीरोजाबाद जाकर सीमा के गोद भराई की रस्म भी कर दी थी।
विज्ञापन
रवि अहमदाबाद में किसी कंपनी में नौकरी करता था। लड़का और लड़की के बीच मंगनी होने के बाद मोबाइल पर बातें होती रहती थीं। किसी कारणवश सीमा के परिवार ने यह रिश्ता तोड़ना चाहा। जब रिश्ता तोड़ने की बात सीमा को पता चली तो वह 22 नवंबर को घर से चली आई।
घर से आने के बाद उसने सहपऊ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र को अपनी व्यथा सुनाई। उसकी बात सुनने के बाद कोतवाली प्रभारी ने फीरोजाबाद में उसके माता-पिता और संबंधित थाने को इस बात की सूचना दी कि लड़की उनके पास पहुंची है।
इसके बाद लड़की की होने वाली सुसराल को भी सूचना दे दी गई। दोनों के परिवार के लोग कोतवाली आ गए। जब लड़की ने अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया तो प्रभारी कोतवाली ने लड़की बालिग होने के कारण उसे उसकी होने वाली सुसराल के परिजनों के हवाले कर दिया।
इधर, फोन पर लड़के को अहमदाबाद सूचित कर दिया गया। दो दिन बाद लड़का भी छुट्टी लेकर आ गया। दोनों की मर्जी से धर्माचार्य ने मां भद्रकाली मंदिर पर लड़के की परिजन और रिश्तेदारों के सामने शादी करा दी। इसके बाद दोनों ने कोतवाली में आकर आशीर्वाद लिया और हंसी-खुशी अपने गांव चले गए।