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Hathras News: पेंशन न मिलने के सवाल पर दृष्टिबाधित से बोला कर्मचारी, नोटिस बोर्ड देख लो

Fri, 11 Sep 2026 02:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Fri, 11 Sep 2026 02:20 AM IST
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When asked about not receiving the pension, an employee told the visually impaired person to check the notice board.
दिव्यांग सोहन सिंह को पकड़कर ले जाते साथी। संवाद  - फोटो : Samvad
आंखों से दिखाई नहीं देता, फिर भी पेंशन की जानकारी के लिए विकास भवन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। गांव ताजपुर पीहरी निवासी 100 फीसदी दृष्टिबाधित सोहन सिंह की पेंशन पिछले सात-आठ महीने से नहीं आई है। वह अब तक करीब 10 बार कार्यालय जा चुके हैं। हर बार कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि नोटिस बोर्ड देख लो। सोहन सिंह का सवाल है कि जब दिखाई ही नहीं देता तो नोटिस बोर्ड कैसे देखूं?
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उन्होंने बताया कि हर बार किसी व्यक्ति को साथ लेकर आना पड़ता है। आने-जाने में ई-रिक्शा का करीब 150 रुपये किराया खर्च होता है। इसके बावजूद पेंशन कब आएगी, इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि पेंशन उनके लिए बेहद जरूरी है, लेकिन कार्यालय के चक्कर लगाने में ही समय और पैसा खर्च हो रहा है।
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सोहन सिंह की तरह जिले के कई बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशन रुकने के बाद विकास भवन चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें समाधान की जगह कर्मचारियों की ओर से टिप्पणियां सुनने को मिल रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि जिले में वृद्धावस्था पेंशन के करीब 38 हजार लाभार्थी हैं। इनमें करीब 20 हजार की मार्च की किस्त अभी तक नहीं आई है। वहीं जुलाई की किस्त का भी लाभार्थियों को इंतजार है। दिव्यांग पेंशन के करीब सात हजार लाभार्थी भी पेंशन के लिए परेशान हैं।
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एक साल से पेंशन के लिए भटक रहीं जाबो
सहपऊ निवासी जाबो देवी की वृद्धावस्था पेंशन एक साल से रुकी है। वह अब तक कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे घर से बेटे के साथ निकलती हैं और कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते दोपहर हो जाती है। हर बार जल्द पेंशन आने का आश्वासन मिलता है।
हर चक्कर में किराया, पूरा दिन भी खराब
नगला भाऊ निवासी बनवारी लाल की वृद्धावस्था पेंशन नौ महीने से नहीं आई है। वह तीन-चार बार कार्यालय आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि आने-जाने में करीब 30 रुपये खर्च होते हैं। गरीबी में पेंशन नहीं मिल रही और ऊपर से बार-बार कार्यालय आने में पैसा और पूरा दिन खर्च हो रहा है।
डेढ़ साल में 15 चक्कर, फिर भी नहीं मिली पेंशन
सिकंदराराऊ के हुसैनपुर निवासी गंगा देवी की पेंशन डेढ़ साल से रुकी है। इस दौरान वह करीब 15 बार कार्यालय के चक्कर लगा चुकी हैं। हर बार अधिकारी जल्द पेंशन आने की बात कहकर बैंक भेज देते हैं। बैंक पहुंचने पर पता चलता है कि खाते में रकम आई ही नहीं।
आठ चक्कर के बाद भी नहीं मिला जवाब
मुंशी गजाधर सिंह निवासी दामोदर दास की वृद्धावस्था पेंशन एक महीने से नहीं आई है। वह पेंशन के लिए अब तक विकास भवन के आठ चक्कर लगा चुके हैं। उनका कहना है कि हर बार सही जानकारी देने के बजाय टाल दिया जाता है।


. इस माह पेंशनार्थियों की पेंशन आ जाएगी। मार्च की करीब 20 हजार लाभार्थियों की पेंशन रुकी है। जुलाई की सभी लाभार्थियों की पेंशन भी जल्द भेज दी जाएगी। सरिता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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