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Hathras News: अपनों के शवों के इंतजार में पथराईं आंखें, रास्ते पर टिकीं नजरें
Sun, 02 Jun 2024 03:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 02 Jun 2024 03:34 AM IST
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गांव मझोला में विलाप करतीं रनवीर की बहन सुनीता। संवाद
- फोटो : Samvad
जम्मू-पुंछ राजमार्ग स्थित अखनूर में बृहस्पतिवार को हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले 10 श्रद्धालुओं के शवों के पहुंचने का उनके गांवों में देर रात तक इंतजार चला। शवों के इंतजार में परिजनों की आंखें पथरा गई हैं। मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह और हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मझोला में हर शख्स शोक में डूबा है। सभी की नजरें गांव के रास्ते पर टिकी हैं।
बता दें कि बृहस्पतिवार को अखूनर में वैष्णो देवी गए श्रद्धालुओं से भरी बस गहरी खाई में पलट गई थी। हादसे में हाथरस और अलीगढ़ जिले के 22 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि 50 से अधिक श्रद्धालु घायल हैं। मरने वालों में हाथरस जंक्शन क्षेत्र के मझोला और मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह के पांच-पांच श्रद्धालु शामिल हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने हाथरस और अलीगढ़ से अधिकारियों की टीम को जम्मू रवाना किया था। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों व घायलों के परिजन भी जम्मू के लिए रवाना हो गए थे।
दो दिनों से दोनों गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के घरों पर चीख-पुकार मची हुई है। शनिवार को भी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए नेता और जनप्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। देर रात तक ग्रामीण शवों के आने का इंतजार करते रहे।
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देरी से रवाना हुई ट्रेन, 10 घंटे अतिरिक्त इंतजार
जम्मू हादसे में मरने वालों के परिजनों और ग्रामीणों को शवों के इंतजार में एक-एक पल भारी पड़ रहा है। शवों को लेकर आने वाली झेलम एक्सप्रेस करीब 10 घंटे की देरी से जम्मू से चली। यह ट्रेन रात 11.40 बजे जम्मू से रवाना होती है और मथुरा जंक्शन स्टेशन पर अगले दिन दोपहर 1.20 बजे पहुंचती है। शुक्रवार की रात को यह ट्रेन करीब 10 घंटे देरी से सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर जम्मू से चली। इस कारण शवों के यहां पहुंचने के लिए दोनों गांवों के लोगों को 10 घंटे तक अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।
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बता दें कि बृहस्पतिवार को अखूनर में वैष्णो देवी गए श्रद्धालुओं से भरी बस गहरी खाई में पलट गई थी। हादसे में हाथरस और अलीगढ़ जिले के 22 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि 50 से अधिक श्रद्धालु घायल हैं। मरने वालों में हाथरस जंक्शन क्षेत्र के मझोला और मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह के पांच-पांच श्रद्धालु शामिल हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने हाथरस और अलीगढ़ से अधिकारियों की टीम को जम्मू रवाना किया था। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों व घायलों के परिजन भी जम्मू के लिए रवाना हो गए थे।
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दो दिनों से दोनों गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के घरों पर चीख-पुकार मची हुई है। शनिवार को भी गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए नेता और जनप्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। देर रात तक ग्रामीण शवों के आने का इंतजार करते रहे।
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देरी से रवाना हुई ट्रेन, 10 घंटे अतिरिक्त इंतजार
जम्मू हादसे में मरने वालों के परिजनों और ग्रामीणों को शवों के इंतजार में एक-एक पल भारी पड़ रहा है। शवों को लेकर आने वाली झेलम एक्सप्रेस करीब 10 घंटे की देरी से जम्मू से चली। यह ट्रेन रात 11.40 बजे जम्मू से रवाना होती है और मथुरा जंक्शन स्टेशन पर अगले दिन दोपहर 1.20 बजे पहुंचती है। शुक्रवार की रात को यह ट्रेन करीब 10 घंटे देरी से सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर जम्मू से चली। इस कारण शवों के यहां पहुंचने के लिए दोनों गांवों के लोगों को 10 घंटे तक अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।