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Hathras News: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रहीं वीरबाला
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बैंक सखी वीरबाला।
- फोटो : Self
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में बैंक सखी वीरबाला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी वीरबाला पिछले कई वर्षों से बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
वह 20 गांवों की महिलाओं को बचत, बैंक खाता संचालन, डिजिटल लेनदेन, सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं। उनकी पहल से अनेक महिलाएं पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने लगी हैं। बैंक सखी के रूप में वह ग्रामीण महिलाओं को घर के नजदीक ही विभिन्न बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। जिससे महिलाओं को बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
वह महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और छोटे-छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। कहतीं है कि आर्थिक रूप से मजबूत महिला ही परिवार और समाज को नई दिशा दे सकती है। इसी उद्देश्य से वह महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ रहीं हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं ने डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन और अन्य लघु उद्यम शुरू कर कमाना शुरू किया है।
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वह 20 गांवों की महिलाओं को बचत, बैंक खाता संचालन, डिजिटल लेनदेन, सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं। उनकी पहल से अनेक महिलाएं पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने लगी हैं। बैंक सखी के रूप में वह ग्रामीण महिलाओं को घर के नजदीक ही विभिन्न बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। जिससे महिलाओं को बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
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वह महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और छोटे-छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। कहतीं है कि आर्थिक रूप से मजबूत महिला ही परिवार और समाज को नई दिशा दे सकती है। इसी उद्देश्य से वह महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ रहीं हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाओं ने डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन और अन्य लघु उद्यम शुरू कर कमाना शुरू किया है।
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