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हाईरिस्क एरिया में बच्चों को लगाए टीके
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2016 11:42 PM IST
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हाथरस। पिछले साल राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए मिशन इंद्रधनुष में शनिवार से हाईरिस्क एरिया में बच्चों के टीकाकरण का अभियान शुरू किया गया। इस दौरान बच्चों को आठवां टीका भी लगाया गया।
सात से 14 मई तक दूसरे माह में मिशन इंद्रधनुष के तृतीय चरण का आयोजन किया जा रहा है। इस साल के लिए नए 824 हाई रिस्क ग्रुप एवं क्षेत्रों का चयन डब्ल्यूएचओ द्वारा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं व दो साल तक की आयु के बच्चों को सात प्रकार की घातक बीमारियों से बचाने के लिए इस मिशन की शुरुआत की गई थी। मिशन को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास, पंचायत विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में बैठक कर कार्ययोजना बनाई थी। विभाग की कोशिश है कि टीकाकरण कार्यक्रम में कोई भी लक्षित गर्भवती महिला और बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए। सात घातक बीमारियों में टीबी, गलघोटू, काली खांसी, पीलिया, न्यूमोनिया, खसरा शामिल है। पेंटावेलेंट वैक्सीन आने के कारण अब इनफ्लूजी-बी से बचाव के लिए बच्चों को आठवां टीका लगाया जा रहा है। ब्लॉक लेवल के सुपरवाइजर तीन से चार सत्र प्रतिदिन भ्रमण करेंगे और टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। जनपद स्तर पर चार अपर उप मुख्य चिकित्सा स्तरीय अधिकारियों को दो दो ब्लाक आवंटित कर दिए गए हैं, जो कि प्रतिदिन दो से तीन सत्र पर्यवेक्षण और ब्लाक स्तर की सायंकालीन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अभियान का जमकर प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है।
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सात से 14 मई तक दूसरे माह में मिशन इंद्रधनुष के तृतीय चरण का आयोजन किया जा रहा है। इस साल के लिए नए 824 हाई रिस्क ग्रुप एवं क्षेत्रों का चयन डब्ल्यूएचओ द्वारा किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं व दो साल तक की आयु के बच्चों को सात प्रकार की घातक बीमारियों से बचाने के लिए इस मिशन की शुरुआत की गई थी। मिशन को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास, पंचायत विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में बैठक कर कार्ययोजना बनाई थी। विभाग की कोशिश है कि टीकाकरण कार्यक्रम में कोई भी लक्षित गर्भवती महिला और बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए। सात घातक बीमारियों में टीबी, गलघोटू, काली खांसी, पीलिया, न्यूमोनिया, खसरा शामिल है। पेंटावेलेंट वैक्सीन आने के कारण अब इनफ्लूजी-बी से बचाव के लिए बच्चों को आठवां टीका लगाया जा रहा है। ब्लॉक लेवल के सुपरवाइजर तीन से चार सत्र प्रतिदिन भ्रमण करेंगे और टीका लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे। जनपद स्तर पर चार अपर उप मुख्य चिकित्सा स्तरीय अधिकारियों को दो दो ब्लाक आवंटित कर दिए गए हैं, जो कि प्रतिदिन दो से तीन सत्र पर्यवेक्षण और ब्लाक स्तर की सायंकालीन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अभियान का जमकर प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है।
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