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Hathras News: हत्या कर शव छिपाने में दो को आजीवन कारावास की सजा
Thu, 30 May 2024 02:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 30 May 2024 02:51 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय ने हत्या कर शव छिपाने के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। इनमें से दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। फरार आरोपी भूरा के खिलाफ गैरजमानती वारंट व कुर्की की कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। जमानतदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस मामले में आरोपियों ने हत्या के बाद शव को श्मशान भूमि में दबा दिया था। शव की बरामदगी पर वादी ने मृतक की पहचान की थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव कंजौली निवासी राजेंद्र सिंह थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनका छोटा भाई देशराज गांव से अपनी मोटरसाइकिल से गांव नौपुरा में अर्जुन सिंह उर्फ करुआ, घनश्याम सिंह, भूरा से अपने रुपये लेने आया था। जब रात्रि 10 बजे तक भाई वापस नहीं आया तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।
तब गांव के गंगाप्रसाद उर्फ संजू सिंह व सुरेश ने बताया कि रात्रि करीब आठ बजे मई में देसी शराब के ठेके के पीछे श्मशान भूमि के कोने पर अर्जुन सिंह उर्फ करूआ, घनश्याम व भूरा बैठे शराब पी रहे थे और देशराज उनके पास बैठा था। ये तीनों देशराज के साथ लड़ाई-झगड़ा भी कर रहे थे। वह दोनों इनको समझाकर गांव में चले आए थे।
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राजेंद्र तथा अन्य लोगों ने नौपुरा गांव जाकर अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा को तलाश किया तो तीनों अपने घर से फरार मिले और उनके भाई का भी पता नहीं चल पाया। उन्होंने अपने भाई की गुमशुदगी 18 अक्तूबर 2015 को थाने में दर्ज करा दी थी, लेकिन भाई का कुछ पता नहीं चला। अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा ने उनके भाई देशराज का जान से मारने के लिए अपहरण कर लिया है।
तहरीर के आधार पर थाना सादाबाद में 19 अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज हुआ। 21 अक्तूबर 2015 को सूचना मिली कि मई रोड पर नौपुरा जाने वाले कच्चे रास्ते पर पानी की टंकी के पीछे श्मशान भूमि में एक व्यक्ति का शव दबा हुआ है। सूचना पर वह और उनका परिवार वहां पहुंचे तो यह शव उनके भाई देशराज का था। इस मामले में विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के दौरान तीनों आरोपियों अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा को दोषी करार दिया है। अर्जुन सिंह व घनश्याम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव कंजौली निवासी राजेंद्र सिंह थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनका छोटा भाई देशराज गांव से अपनी मोटरसाइकिल से गांव नौपुरा में अर्जुन सिंह उर्फ करुआ, घनश्याम सिंह, भूरा से अपने रुपये लेने आया था। जब रात्रि 10 बजे तक भाई वापस नहीं आया तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।
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तब गांव के गंगाप्रसाद उर्फ संजू सिंह व सुरेश ने बताया कि रात्रि करीब आठ बजे मई में देसी शराब के ठेके के पीछे श्मशान भूमि के कोने पर अर्जुन सिंह उर्फ करूआ, घनश्याम व भूरा बैठे शराब पी रहे थे और देशराज उनके पास बैठा था। ये तीनों देशराज के साथ लड़ाई-झगड़ा भी कर रहे थे। वह दोनों इनको समझाकर गांव में चले आए थे।
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राजेंद्र तथा अन्य लोगों ने नौपुरा गांव जाकर अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा को तलाश किया तो तीनों अपने घर से फरार मिले और उनके भाई का भी पता नहीं चल पाया। उन्होंने अपने भाई की गुमशुदगी 18 अक्तूबर 2015 को थाने में दर्ज करा दी थी, लेकिन भाई का कुछ पता नहीं चला। अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा ने उनके भाई देशराज का जान से मारने के लिए अपहरण कर लिया है।
तहरीर के आधार पर थाना सादाबाद में 19 अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज हुआ। 21 अक्तूबर 2015 को सूचना मिली कि मई रोड पर नौपुरा जाने वाले कच्चे रास्ते पर पानी की टंकी के पीछे श्मशान भूमि में एक व्यक्ति का शव दबा हुआ है। सूचना पर वह और उनका परिवार वहां पहुंचे तो यह शव उनके भाई देशराज का था। इस मामले में विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के दौरान तीनों आरोपियों अर्जुन सिंह, घनश्याम व भूरा को दोषी करार दिया है। अर्जुन सिंह व घनश्याम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।