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Hathras News: महंगाई के बावजूद चहक रहा खिलौनों का बाजार
Thu, 24 Sep 2026 02:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:25 AM IST
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दाऊजी मेला में लगीं दुकान पर सजे खिलौने। संवाद
- फोटो : Samvad
मेला श्रीदाऊजी महाराज के बाजार में इस बार बच्चों के पसंदीदा खिलौनों पर महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल खिलौनों की कीमतों में करीब 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसके बावजूद बच्चों के उत्साह और अभिभावकों की खरीदारी में कोई कमी नहीं आई है।
खासकर इलेक्ट्रॉनिक और आधुनिक खिलौनों की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। मेला परिसर के महिला बाजार में इस बार खिलौनों की सबसे अधिक 11 दुकानें सजी हैं। बाजार में साधारण गुड़िया-झुनझुने से लेकर दो हजार रुपये से अधिक कीमत वाले आधुनिक रिमोट खिलौने उपलब्ध हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए दुकानों पर सेंसर्ड ड्रोन, म्यूजिक वाली रोबोटिक गाड़ियां और डांसिंग कैक्टस जैसे गैजेट्स सजाए गए हैं।
दिल्ली और मुंबई के थोक बाजारों से माल लाने में इस बार परिवहन और निर्माण लागत अधिक आई है। प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के दाम बढ़ने से थोक में ही करीब 10 प्रतिशत तक खिलौनों की कीमतें बढ़ी हैं।
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-ओमप्रकाश, खिलौनों के विक्रेता।
मेले में आने वाले अधिकांश परिवार पहले बजट देखते हैं, लेकिन बच्चों की जिद के आगे 10 फीसदी की यह बढ़ोतरी आड़े नहीं आ रही है और शाम होते ही दुकानों पर अच्छी-खासी बिक्री दर्ज हो रही है।
-नायाब, खिलौनों के विक्रेता।
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खासकर इलेक्ट्रॉनिक और आधुनिक खिलौनों की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। मेला परिसर के महिला बाजार में इस बार खिलौनों की सबसे अधिक 11 दुकानें सजी हैं। बाजार में साधारण गुड़िया-झुनझुने से लेकर दो हजार रुपये से अधिक कीमत वाले आधुनिक रिमोट खिलौने उपलब्ध हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए दुकानों पर सेंसर्ड ड्रोन, म्यूजिक वाली रोबोटिक गाड़ियां और डांसिंग कैक्टस जैसे गैजेट्स सजाए गए हैं।
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दिल्ली और मुंबई के थोक बाजारों से माल लाने में इस बार परिवहन और निर्माण लागत अधिक आई है। प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के दाम बढ़ने से थोक में ही करीब 10 प्रतिशत तक खिलौनों की कीमतें बढ़ी हैं।
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-ओमप्रकाश, खिलौनों के विक्रेता।
मेले में आने वाले अधिकांश परिवार पहले बजट देखते हैं, लेकिन बच्चों की जिद के आगे 10 फीसदी की यह बढ़ोतरी आड़े नहीं आ रही है और शाम होते ही दुकानों पर अच्छी-खासी बिक्री दर्ज हो रही है।
-नायाब, खिलौनों के विक्रेता।