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बर्खास्तगी के बाद भी नौकरी कर रहे तीन फर्जी शिक्षक

Sat, 22 Apr 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस। Updated Sat, 22 Apr 2017 11:47 PM IST
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Three fake teachers working after the dismissal
teacher shimla
बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही इस कदर हावी है कि बर्खास्तगी के बाद भी तीन फर्जी शिक्षक लगातार नौकरी कर रहे हैं। 15 अप्रैल को फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर बर्खास्त हुए तीनों शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अभी तक न तो विद्यालयों से रिलीव किया है और न ही रिकवरी और एफआईआर की कार्रवाई की है।
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  ज्ञात रहे कि बेसिक शिक्षा विभाग में अमर सिंह की शिक्षा मित्र के रूप में विकास खंड सहपऊ के प्राथमिक विद्यालय जंगला में ग्राम शिक्षा समिति ने नियुक्ति की। बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा मित्रों के समायोजन बाद इसको सहायक अध्यापक के रूप में विकास खंड सादाबाद के प्राथमिक विद्यालय बांस पौहपी में तैनात कर दिया। जब इसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया तो परिषद ने इसके हाईस्कूल के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को असत्य बताया। इसके आधार पर इसको बर्खास्त किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग में बाबूजी नामक शिक्षक ने विभाग की मृतक शिक्षिका प्रेम कुमारी के मृतकाश्रित के रूप में फर्जी तरीके से खुद को दत्तक पुत्र बताकर नौकरी हासिल कर ली। जांच के बाद इसको भी बर्खास्त किया गया था।
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वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग में उर्दू शिक्षक के पद पर नगमा हसन ने तैनाती पाई। सत्यापन में इसके भी हाईस्कूल के शैक्षिक प्रमाण पत्र असत्य पाए गए। इसके बाद इसको भी बर्खास्त किया गया था। लेकिन इन तीनों शिक्षकों को पूरा सप्ताह बीत जाने के बावजूद भी विद्यालयों से रिलीव नहीं किया गया है।
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