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घर के आंगन में तीन शव: वृद्धा रोऐ जा रही, कह रही- बहू, बेटा और नाती को छोड़ मुझे आ जाती मौत
Fri, 13 Oct 2023 07:49 PM IST
चमन शर्मा
कन्हैया लाल, अमर उजाला, हाथरस
कन्हैया लाल, अमर उजाला, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 13 Oct 2023 07:49 PM IST
सार
जब तीनों के शव एक साथ गांव पहुंचे, तो लोगों के दिल दहल गए। गोपीचंद के पिता विलाप करते समय कई बार बेहोश हो गए, जबकि मां विलाप कर करके बेसुध हो गई। ग्रामीणों ने वृद्ध माता-पिता को संभाला।
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मृतक बहू, बेटा और नाती
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हाथरस में सादाबाद क्षेत्र के गांव करसौरा के परिवार पर सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत से दुखों का पहाड़ टूटा है। वृद्धा विलाप करते हुए कह रही थी कि बेटा, बहू और नाती की जगह मुझे मौत आ जाती।
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गोपीचंद पुत्र बनी सिंह निवासी नगला फत्ता भाग करसौरा का हंसता-खेलता परिवार था। पत्नी ममता, बेटा गोलू और बेटी संध्या के अलावा घर में वृद्ध माता-पिता हैं। वह दोनों गांव में रहते हैं। गोपीचंद्र अलीगढ़ में परिवार को लेकर रह रहे थे। वहां मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे थे। कुछ काम के सिलसिले में वह गांव आए थे। बृहस्पतिवार की शाम को गांव से काम खत्म कर पत्नी और दोनों बच्चों के साथ बाइक से अलीगढ़ लौट रहे थे। सासनी के निकट अलीगढ़ रोड पर मौत ने ऐसा झपट्टा मारा कि पति-पत्नी और बेटे की जान चली गई और बेटी संध्या बुरी तरह घायल हो गई।
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शुक्रवार को जब तीनों के शव एक साथ गांव पहुंचे, तो लोगों के दिल दहल गए। गोपीचंद के पिता विलाप करते समय कई बार बेहोश हो गए, जबकि मां विलाप कर करके बेसुध हो गई। ग्रामीणों ने वृद्ध माता-पिता को संभाला। विधायक गुड्डू चौधरी भी परिवार का दुख बांटने गांव पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीण और परिजनों से बात कर परिवार को सांत्वना दी। गमगीन माहौल में 30 वर्षीय गोपीचंद, 28 वर्षीय ममता और छह वर्षीय गोलू को मुखाग्नि दी गई। अंतिम संस्कार में गांव के अलावा आसपास के तमाम ग्रामीण शामिल रहे।