{"_id":"5b5b74bb4f1c1b07788b6631","slug":"thirty-six-hours-continue-rain-in-hathras","type":"story","status":"publish","title_hn":"36 घंटे बारिश, कई मकान ध्वस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
36 घंटे बारिश, कई मकान ध्वस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद/हाथरस।
Updated Sat, 28 Jul 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
गांव धौरपुर में बारिश से गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
सादाबाद क्षेत्र में शुक्रवार को भी बारिश ने खूब कहर बरपाया। लगातार 36 घंटे से जारी बारिश ने कई मकानों को धवस्त कर दिया। कई मकानों की दीवारें गिर पड़ीं, तो कई में दरारें पड़ गईं हैं।
बिसावर के गांव नगला शेखा में फतेह सिंह के मकान की दीवार गिर गई। गांव मडनई में संतोष कुमार के मकान की दीवार गिर गई। इसी गांव के रनवीर सिंह के मकान की भी दीवार गिर गई। गांव नौगांव के डालचंद्र का मकान भी बारिश की भेंट चढ़ गया। गांव के भूदेवी, शब्बीर खान, बबलू खां, नसीहत खां के कच्चे और पक्के मकान गिर गए। इनमें से किसी की छत ढह गई तो किसी की दीवार। गांव नौगांव के बच्चू सिंह का कच्चा कोठा गिर गया। खेमदत्त का टीनशेड गिर पड़ा। गांव ढकरई में बलवीर सिंह के मकान की दीवार गिर गई। गांव दगसह के सोमदत्त के मकान में दरार आने के कारण दीवार गिर गईं।
ईदगाह कॉलोनी में बनी इंटरलॉकिंग सड़क बारिश की भेंट चढ़ गई। गांव एदलपुर में बोला खान के मकान का बरामदा ढह गया। इससे एक बकरी दबकर मर गई। तीन बकरियां घायल हो गईं। जूनियर हाईस्कूल गढ़ उमराव की बाउंड्री भी टूटकर गिर गई। इसके अलावा अन्य कई गांव में भी दीवार गिरने की घटनाएं हुईं। गांव नगला घनी में राजवीर सिंह के मकान की दीवार गिर गई। कुरसंडा में दलवीर चौधरी के मकान की छत गिर गई। इससे गाय और भैंस घायल हो गईं। ग्रामीणों में इन घटनाओं से हाहाकार मचा हुआ है।
विज्ञापन
पोखर, तालाबों पर अवैध कब्जे हादसों की वजह
जिन गांव में सबसे अधिक मकान की दीवार गिरने के मामले सामने आ रहे हैं, उन गांवों की पोखरों पर अवैध कब्जे इसकी मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। पोखरों पर अवैध कब्जे होने के कारण गांव के पानी की निकासी नहीं हो पा रही। इस वजह से बारिश का पानी गांव की आबादी की बीच ही भर रहा है।
विज्ञापन
बिसावर के गांव नगला शेखा में फतेह सिंह के मकान की दीवार गिर गई। गांव मडनई में संतोष कुमार के मकान की दीवार गिर गई। इसी गांव के रनवीर सिंह के मकान की भी दीवार गिर गई। गांव नौगांव के डालचंद्र का मकान भी बारिश की भेंट चढ़ गया। गांव के भूदेवी, शब्बीर खान, बबलू खां, नसीहत खां के कच्चे और पक्के मकान गिर गए। इनमें से किसी की छत ढह गई तो किसी की दीवार। गांव नौगांव के बच्चू सिंह का कच्चा कोठा गिर गया। खेमदत्त का टीनशेड गिर पड़ा। गांव ढकरई में बलवीर सिंह के मकान की दीवार गिर गई। गांव दगसह के सोमदत्त के मकान में दरार आने के कारण दीवार गिर गईं।
विज्ञापन
ईदगाह कॉलोनी में बनी इंटरलॉकिंग सड़क बारिश की भेंट चढ़ गई। गांव एदलपुर में बोला खान के मकान का बरामदा ढह गया। इससे एक बकरी दबकर मर गई। तीन बकरियां घायल हो गईं। जूनियर हाईस्कूल गढ़ उमराव की बाउंड्री भी टूटकर गिर गई। इसके अलावा अन्य कई गांव में भी दीवार गिरने की घटनाएं हुईं। गांव नगला घनी में राजवीर सिंह के मकान की दीवार गिर गई। कुरसंडा में दलवीर चौधरी के मकान की छत गिर गई। इससे गाय और भैंस घायल हो गईं। ग्रामीणों में इन घटनाओं से हाहाकार मचा हुआ है।
विज्ञापन
पोखर, तालाबों पर अवैध कब्जे हादसों की वजह
जिन गांव में सबसे अधिक मकान की दीवार गिरने के मामले सामने आ रहे हैं, उन गांवों की पोखरों पर अवैध कब्जे इसकी मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। पोखरों पर अवैध कब्जे होने के कारण गांव के पानी की निकासी नहीं हो पा रही। इस वजह से बारिश का पानी गांव की आबादी की बीच ही भर रहा है।