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Hathras News: मां-बेटी के शव पहुंचते ही गांव में छाया मातम, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
Fri, 23 Feb 2024 01:07 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:07 AM IST
सार
नोएडा के बरौला गांव में अपनी मासूम दो बेटियों के साथ चौथी मंजिल से छलांग लगाने वाली मां और उसकी एक बेटी का शव कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बाघऊ पहुंंचा। दोनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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नोएडा में मां बेटी की मौत के बाद गांव बाघऊ में मृतका के घर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद
विस्तार
नोएडा के बरौला गांव में 21 फरवरी को अपनी मासूम दो बेटियों के साथ चौथी मंजिल से छलांग लगाने वाली मां और उसकी एक बेटी का शव 22 फरवरी को हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बाघऊ पहुंचा। गांव में मां और बेटी का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हल रहा। पूरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों को सांत्वना देने वाले के लिए घर पर लोगों का तांता लगा रहा। देर शाम गमगीन माहौल के बीच दोनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बाघऊ निवासी मनोज कुमार पुत्र बुद्धसेन अपनी पत्नी, तीन बेटी और छोटी भाई के साथ नोएडा में रहते थे। मनोज नोएडा स्थित प्रयाग अस्पताल में कैंटीन चलाते हैं। बताया जाता है कि मनोज की चार बेटी होने के बाद से उनकी पत्नी सरिता काफी समय से तनाव में थी। बीते 21 फरवरी की शाम को जब मनोज कुमार कैंटीन पर गए थे और छह वर्षीय बड़ी बेटी अंशिका स्कूल गई थी। तभी पीछे से सरिता घर की चौथी मंजिल पर चढ़ गई थी।
वहां से उसने पहले चार साल की बेटी कृतिका और उसके बाद तीन साल की बेटी बेटी दिव्या को फेंक दिया था। इसके बाद खुद भी कूद गई थी। कृतिका की मौके पर ही मौत हो गई थी। सरिता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था, जबकि दिव्या का इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार की शाम को मां सरिता और उनकी बेटी कृतिका के शव गांव बाघऊ पहुंचे। शवों के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल था। देर शाम मां और बेटी के शव की अंत्येष्टि हुई।
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कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बाघऊ निवासी मनोज कुमार पुत्र बुद्धसेन अपनी पत्नी, तीन बेटी और छोटी भाई के साथ नोएडा में रहते थे। मनोज नोएडा स्थित प्रयाग अस्पताल में कैंटीन चलाते हैं। बताया जाता है कि मनोज की चार बेटी होने के बाद से उनकी पत्नी सरिता काफी समय से तनाव में थी। बीते 21 फरवरी की शाम को जब मनोज कुमार कैंटीन पर गए थे और छह वर्षीय बड़ी बेटी अंशिका स्कूल गई थी। तभी पीछे से सरिता घर की चौथी मंजिल पर चढ़ गई थी।
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वहां से उसने पहले चार साल की बेटी कृतिका और उसके बाद तीन साल की बेटी बेटी दिव्या को फेंक दिया था। इसके बाद खुद भी कूद गई थी। कृतिका की मौके पर ही मौत हो गई थी। सरिता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था, जबकि दिव्या का इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार की शाम को मां सरिता और उनकी बेटी कृतिका के शव गांव बाघऊ पहुंचे। शवों के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल था। देर शाम मां और बेटी के शव की अंत्येष्टि हुई।
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