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Hathras News: मां-बेटे के शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम, हर आंख हुई नम
Thu, 02 Jan 2025 02:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Thu, 02 Jan 2025 02:16 AM IST
सार
मृतका रेशमी के पांच बेटों में बड़े बेटे प्रेमचंद्र उत्तर प्रदेश पुलिस में एसआई हैं। उनकी ड्यूटी वर्तमान में प्रयागराज में कुंभ मेले में लगी हुई है। दूसरे नंबर के बेटे नंदकुमार, तीसरे जसवंत सिंह और पांचवें नंबर के सुभाष गांव में ही रहते हैं। विजयपाल चौथे नंबर के थे।
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मां रेशमा देवी और बेटा विजयपाल
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हतीसा पुल पर 1 जनवरी की दोपहर को हुए हादसे में गांव खजूरिया निवासी रेशमी देवी व उनके बेटे विजयपाल की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उनके शव जैसे ही गांव में पहुंचे, वैसे ही वहां चीख-पुकार मच गई। मां-बेटे के शवों को एक साथ देखकर परिवार के लोग बिलखने लगे। हर आंख नम हो गई।
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बताया जाता है कि रेशमी के पांच बेटे थे। बड़े बेटे प्रेमचंद्र उत्तर प्रदेश पुलिस में एसआई हैं। उनकी ड्यूटी वर्तमान में प्रयागराज में कुंभ मेले में लगी हुई है। दूसरे नंबर के बेटे नंदकुमार, तीसरे जसवंत सिंह और पांचवें नंबर के सुभाष गांव में ही रहते हैं। विजयपाल चौथे नंबर के थे। देर रात तक बड़े बेटे प्रेमचंद्र के आने का इंतजार किया जा रहा था। 2 जनवरी की सुबह ही मां-बेटे के शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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