फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   The villagers rush to show the dead alive

मृतक को जिंदा दिखाने पर भड़के ग्रामीण, हंगामा

Fri, 11 Jan 2019 12:20 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस Published by: Mohd Rafeek Updated Fri, 11 Jan 2019 12:20 AM IST
विज्ञापन
The villagers rush to show the dead alive
जैतई रोड स्थित बिजलीघर पर नारेबाजी प्रदर्शन करते गांव सिकंदरा के ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
सादाबाद। विद्युत विभाग के अवर अभियंता द्वारा जांच रिपोर्ट में मृत व्यक्ति को जिंदा दर्शाने और गांव में पांच साल पहले बिजली नहीं होने पर भी विद्युत बकाएदार बनाए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुवार को जैतई रोड स्थित बिजली दफ्तर पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी कर आक्रोश जताया। एक्सईएन के नहीं मिलने पर एसडीओ ग्रामीण को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन

गौरतलब है कि बिसावर के माजरा सिकंदरा में आजादी से लेकर अब तक ग्रामीणों को बिजली नहीं मिली थी। वर्ष 2014 में बिजली महकमे ने गांव में कई लोगों को बिजली के कनेक्शन दे दिए और वादा किया था कि जल्द ही गांव का विद्युतीकरण कर बिजली सुचारु कर दी जाएगी, लेकिन वर्ष 2017 के नवंबर माह तक भी बिजली आपूर्ति यहां सुचारू नहीं हुई। परेशान हो चुके ग्रामीण डीएम सहित कई उच्चाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से मिले तब जाकर दिसंबर 2017 में गांव का विद्युतीकरण किया गया और बिजली आपूर्ति सुचारु की गई, लेकिन महकमे ने ग्रामीणों को विद्युत बिल 2014 से ही बनाकर भेज दिए। बिलों को देख ग्रामीणों में गुस्सा व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना था कि जब गांव में बिजली दिसंबर 2017 में पहुंची है तो वह वर्ष 2014 से अब तक का बकाया क्यों दें। इस समस्या को लेकर ग्रामीण एमडी विद्युत आगरा से भी मिले। एमडी ने एक्सईएन को समस्या के निस्तारण के लिए निर्देशित किया, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। इस मामले की जांच जब तत्कालीन अवर अभियंता से कराई गई तो आरोप है कि अवर अभियंता ने घर बैठकर ही जांच पूरी कर दी। जेई ने 27 दिसंबर 2017 को की गई जांच में गांव के राजपाल पुत्र नेकराम का नाम भी शामिल कर दिया, जो कि पिछले साल ही नवंबर माह में मर चुका है। ग्रामीण भवानी शंकर ने बताया कि उनका नाम भी जांच में शामिल कर लिया गया है, जबकि उनसे जेई ने कोई पूछताछ नहीं की और न ही दलवीर सिंह से कोई पूछताछ हुई है। जेई ने जांच में गांव में 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगना दर्शाया है, जबकि गांव में 65 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है। जेई ने पूरी जांच रिपोर्ट ही फर्जी बनाई है। ग्रामीणों ने मांग की कि उनसे 25 दिसंबर 2017 से ही बिल वसूल किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह आंदोलन करेंगे। इस मौके पर ओंकार सिंह, दरियाब सिंह, रवि कुमार, वासुदेव सिंह, भवानीशंकर, सतेंद्रपाल, हरी सिंह, साहब सिंह, विजेंद्रपाल आदि लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed