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गांव पोरा में दलित युवक को पीटा।
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पांच माह बाद दर्ज हुई युवक से मारपीट की रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
सिकंदराराऊ। कोतवाली क्षेत्र के गांव पोरा में अनुसूचित जाति के युवक के साथ मारपीट कर घायल करने की रिपोर्ट पांच माह बाद अदालत के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ हरिजन एक्ट तथा मारपीट की धाराओं में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
गांव निवासी नीलम पुत्री रामबाबू ने अदालत के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 22 मार्च को उसका भाई रमन शाम चार बजे जब बाजार में था। तब गांव निवासी तन्नू पुत्र विजय सिंह, गौरव पुत्र विजय सिंह, बिट्टू पुत्र नेत्रपाल, भगवान सिंह के बड़े लड़के ने उसे पकड़ लिया। जाति अपमान सूचक शब्द कहे। हॉकी-डंडों से उसे पीटा। गांव वालों ने आकर उसे बचाया। मारपीट में उसका भाई घायल हो गया।
घायल को लेकर परिवारीजन कोतवाली आए। पुलिस ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। रिपोर्ट दर्ज करने को तहरीर दी गई, लेकिन कोतवाली के कई चक्कर काटने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अंत में उसने अदालत की शरण ली। तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
सिकंदराराऊ। कोतवाली क्षेत्र के गांव पोरा में अनुसूचित जाति के युवक के साथ मारपीट कर घायल करने की रिपोर्ट पांच माह बाद अदालत के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ हरिजन एक्ट तथा मारपीट की धाराओं में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
गांव निवासी नीलम पुत्री रामबाबू ने अदालत के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 22 मार्च को उसका भाई रमन शाम चार बजे जब बाजार में था। तब गांव निवासी तन्नू पुत्र विजय सिंह, गौरव पुत्र विजय सिंह, बिट्टू पुत्र नेत्रपाल, भगवान सिंह के बड़े लड़के ने उसे पकड़ लिया। जाति अपमान सूचक शब्द कहे। हॉकी-डंडों से उसे पीटा। गांव वालों ने आकर उसे बचाया। मारपीट में उसका भाई घायल हो गया।
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घायल को लेकर परिवारीजन कोतवाली आए। पुलिस ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। रिपोर्ट दर्ज करने को तहरीर दी गई, लेकिन कोतवाली के कई चक्कर काटने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अंत में उसने अदालत की शरण ली। तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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