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टीम पीके ने किया हार के कारणाें पर मंथन
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 11:29 PM IST
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हाथरस। कांग्रेस सूबे में पिछले तीन दशक से सत्ता से बाहर है। लंबे समय से जिले में भी कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल सकी है। गुरुवार को पार्टी के विशेष रणनीतिकार माने जाने वाले प्रशांत किशोर की टीम यहां पहुंची। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से बात कर टीम ने हार के कारणों की गहराई से समीक्षा की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग भी की।
चंदपा में दीक्षित फार्म हाउस में टीम पीके ने प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी के सत्ता से बाहर रहने के कारणों पर भी चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने हार के कारणों के बारे में तो बताया ही, साथ ही कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। जैसे मुख्यमंत्री के रूप में प्रभावी व्यक्ति को मैदान में उतारे जाने, जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशियों को चुने जाने, बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करना, जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कराना, समाज के हर वर्ग का उत्थान, सोशल इंजीनियरिंग के सुझाव दिए गए।
इस बीच कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने और राहुल गांधी को तहसील स्तर पर जनता के बीच आकर प्रदेश की वास्तविक तस्वीर को देखने की मांग भी टीम पीके के सामने रखी।
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चर्चा में जिले के पर्यवेक्षक डॉ. संजीव शर्मा, सतीश शर्मा, राष्ट्रीय सचिव श्यौराज जीवन, जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित, प्रदेश सचिव ब्रह्मदेव शर्मा, राजेश राज जीवन, शहर अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, डॉ.मुकेश चंद्रा, अशोक गुप्ता, रिषी कुमार कौशिक, अवधेश बख्शी, शशांक पचौरी, अजीत गोस्वामी, शरद उपाध्याय नंदा, योगेश कुमार ओके, राजपाल सिंह पूनियां आदि अनेक कांग्रेसी मौजूद थे।
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चंदपा में दीक्षित फार्म हाउस में टीम पीके ने प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी के सत्ता से बाहर रहने के कारणों पर भी चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने हार के कारणों के बारे में तो बताया ही, साथ ही कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। जैसे मुख्यमंत्री के रूप में प्रभावी व्यक्ति को मैदान में उतारे जाने, जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशियों को चुने जाने, बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करना, जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कराना, समाज के हर वर्ग का उत्थान, सोशल इंजीनियरिंग के सुझाव दिए गए।
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इस बीच कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने और राहुल गांधी को तहसील स्तर पर जनता के बीच आकर प्रदेश की वास्तविक तस्वीर को देखने की मांग भी टीम पीके के सामने रखी।
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चर्चा में जिले के पर्यवेक्षक डॉ. संजीव शर्मा, सतीश शर्मा, राष्ट्रीय सचिव श्यौराज जीवन, जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित, प्रदेश सचिव ब्रह्मदेव शर्मा, राजेश राज जीवन, शहर अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, डॉ.मुकेश चंद्रा, अशोक गुप्ता, रिषी कुमार कौशिक, अवधेश बख्शी, शशांक पचौरी, अजीत गोस्वामी, शरद उपाध्याय नंदा, योगेश कुमार ओके, राजपाल सिंह पूनियां आदि अनेक कांग्रेसी मौजूद थे।