{"_id":"69ab410dbd3551925a06bc5e","slug":"the-occupation-of-the-land-was-not-removed-events-were-boycotted-hathras-news-c-63-1-sali1025-104529-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: जमीन से नहीं हटा कब्जा, आयोजनों का किया बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: जमीन से नहीं हटा कब्जा, आयोजनों का किया बहिष्कार
Sat, 07 Mar 2026 02:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:33 AM IST
विज्ञापन
दंगल स्थल पर विवाद के संबंध में बैठक करते लोग। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Samvad
दंगल स्थल पर चल रहे विवादों के चलते कस्बे में होली के मौके पर होने वाले आयोजनों का बहिष्कार कर दिया गया है। शुक्रवार को नागरिकों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
इधर, प्रशासन का कहना है कि उनकी तरफ से मेले पर कोई रोक-टोक नहीं है। दंगल की भूमि को मुक्त कर दिया गया था। बता दें कि विवाद उस समय प्रारंभ हुआ, जब दंगल स्थल से लगी एक भूमि पर कस्बे के ही एक व्यक्ति ने अपना दावा करते हुए उसके पट्टे के कागज पेश किए। उसका कहना था कि यह जमीन उसे पट्टे में मिली है।
इधर, कार्यक्रम आयोजकों का कहना था कि जमीन का कोई पट्टा नहीं है। स्थल पर कुएं के बराबर वाली जमीन सार्वजनिक है, जिस पर यह व्यक्ति कब्जा करना चाह रहा है। शुक्रवार को जब आयोजकों की टीम दंगल स्थल पर पहुंची और वहां नींव में लगी ईंटें उखड़वानी शुरू कीं तो कुछ महिलाएं आ गईं, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई।
विज्ञापन
इसके बाद आयोजकों ने माहेश्वरी धर्मशाला में बैठक कर निर्णय लिया कि जमीन कब्जा मुक्त नहीं है, इसलिए इस बार आयोजनों का बहिष्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि कस्बे में होली के बाद दंगल, मेला फूलडोल व रसिया दंगल का आयोजन किया जाता है। बैठक में सुरेश, बंटी आर्य, चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा, सेठ ओमप्रकाश गुप्ता, संजय द्विवेदी, आमोद शर्मा आदि मौजूद थे।
एसडीएम संजय कुमार का कहना है कि जमीन पर यदि कोई अवैध कब्जा है तो आयोजकों को उसके कागज प्रस्तुत करने चाहिए। उसके आधार पर ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। सीओ जेएन अस्थाना का कहना है कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
विज्ञापन
इधर, प्रशासन का कहना है कि उनकी तरफ से मेले पर कोई रोक-टोक नहीं है। दंगल की भूमि को मुक्त कर दिया गया था। बता दें कि विवाद उस समय प्रारंभ हुआ, जब दंगल स्थल से लगी एक भूमि पर कस्बे के ही एक व्यक्ति ने अपना दावा करते हुए उसके पट्टे के कागज पेश किए। उसका कहना था कि यह जमीन उसे पट्टे में मिली है।
विज्ञापन
इधर, कार्यक्रम आयोजकों का कहना था कि जमीन का कोई पट्टा नहीं है। स्थल पर कुएं के बराबर वाली जमीन सार्वजनिक है, जिस पर यह व्यक्ति कब्जा करना चाह रहा है। शुक्रवार को जब आयोजकों की टीम दंगल स्थल पर पहुंची और वहां नींव में लगी ईंटें उखड़वानी शुरू कीं तो कुछ महिलाएं आ गईं, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई।
विज्ञापन
इसके बाद आयोजकों ने माहेश्वरी धर्मशाला में बैठक कर निर्णय लिया कि जमीन कब्जा मुक्त नहीं है, इसलिए इस बार आयोजनों का बहिष्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि कस्बे में होली के बाद दंगल, मेला फूलडोल व रसिया दंगल का आयोजन किया जाता है। बैठक में सुरेश, बंटी आर्य, चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा, सेठ ओमप्रकाश गुप्ता, संजय द्विवेदी, आमोद शर्मा आदि मौजूद थे।
एसडीएम संजय कुमार का कहना है कि जमीन पर यदि कोई अवैध कब्जा है तो आयोजकों को उसके कागज प्रस्तुत करने चाहिए। उसके आधार पर ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। सीओ जेएन अस्थाना का कहना है कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।