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पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों को ढूंढते रहे डीएम
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:44 PM IST
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महिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान डीएम से शिकायत करते मरीज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान नवागत डीएम अविनाश कृष्ण सिंह को पोषण पुनर्वास केंद्र खाली मिला। अति कुपोषित बच्चों के लिए तैयार किए गए इस केंद्र पर केवल एक बच्चा भर्ती पाया गया, जो डीएम के दौरे से एक घंटे पहले ही एडमिट किया गया था। डीएम ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की और सीएमओ को केंद्र के बारे में बेहतर प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
बीते महीने दस मार्च को तत्कालीन डीएम शमीम अहमद खान ने इस केंद्र का उद्घाटन किया था। पिछले 20 दिनों से केंद्र पर एक भी बच्चे को भर्ती नहीं किया गया, जबकि जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या का सरकारी आंकड़ा दस हजार के करीब है। इनकी बेहतर देखभाल और चिकित्सा के लिए इस केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र पर अति कुपोषित बच्चे 15 दिन तक भर्ती रहेंगे। बच्चों के साथ उनकी माताएं भी रहेंगी। बच्चों को यहां निशुल्क खाना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बच्चों की माताओं को खानपान के लिए 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। यहां 15 दिन रहने के पश्चात अति कुपोषित बच्चों का वजन भी 15 फीसदी बढ़ना अनिवार्य है। इस पुनर्वास केंद्र में 10 बिस्तरों की व्यवस्था है। केंद्र पर चार स्टाफ नर्स, एक न्यूट्रीशियन काउंसलर, एक केयरटेकर, एक रसोइया और एक बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की गई है।
निरीक्षण के दौरान डीएम को जिला अस्पताल के कमरा नंबर 16 में कुत्ते काटने के इंजेक्शन न लगाए जाने की भी शिकायत एक मरीज ने की। डीएम ने इस बारे में सीएमएस से संबंधित कर्मचारी से जवाब-तलब कर उन्हें रिपोर्ट देने को कहा है। महिला अस्पताल में एक दिव्यांग ने डीएम के सामने अपनी दिव्यांग पत्नी को बेवजह रेफर किए जाने का आरोप लगाया। डीएम के हस्तक्षेप के बाद इस महिला का उपचार अस्पताल में ही किया गया। यही नहीं कुछ मरीजों ने अल्ट्रासांउड के नाम पर सौ रुपये लिए जाने की बात भी डीएम क ो बताई। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों से बाहर की दवाएं मंगाने और दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के ओपीडी में डॉक्टरों तक पहुंचने की शिकायत भी मरीजों ने की।
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एक मरीज द्वारा दवाई उपलब्ध न कराने की शिकायत की गई थी। इसे गंभीरता से लिया गया है। सीएमएस को नोटिस बोर्ड पर दवाईयों की उपलब्धता की सूचना प्रदर्शित करने को भी कहा है। पोषण पुनर्वास केंद्र में मात्र एक कुपोषित बच्चा मिलने पर असंतोष व्यक्त किया गया है। कुपोषित बच्चों को इस योजना का भरपूर लाभ मिल सके इसके लिये व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश दिये गए हैं। बागला अस्पताल के सीएमएस को एक सप्ताह के अंदर सुधार लाने की हिदायत दी गई है।
- अविनाश कृष्ण, डीएम
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बीते महीने दस मार्च को तत्कालीन डीएम शमीम अहमद खान ने इस केंद्र का उद्घाटन किया था। पिछले 20 दिनों से केंद्र पर एक भी बच्चे को भर्ती नहीं किया गया, जबकि जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या का सरकारी आंकड़ा दस हजार के करीब है। इनकी बेहतर देखभाल और चिकित्सा के लिए इस केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र पर अति कुपोषित बच्चे 15 दिन तक भर्ती रहेंगे। बच्चों के साथ उनकी माताएं भी रहेंगी। बच्चों को यहां निशुल्क खाना उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बच्चों की माताओं को खानपान के लिए 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। यहां 15 दिन रहने के पश्चात अति कुपोषित बच्चों का वजन भी 15 फीसदी बढ़ना अनिवार्य है। इस पुनर्वास केंद्र में 10 बिस्तरों की व्यवस्था है। केंद्र पर चार स्टाफ नर्स, एक न्यूट्रीशियन काउंसलर, एक केयरटेकर, एक रसोइया और एक बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की गई है।
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निरीक्षण के दौरान डीएम को जिला अस्पताल के कमरा नंबर 16 में कुत्ते काटने के इंजेक्शन न लगाए जाने की भी शिकायत एक मरीज ने की। डीएम ने इस बारे में सीएमएस से संबंधित कर्मचारी से जवाब-तलब कर उन्हें रिपोर्ट देने को कहा है। महिला अस्पताल में एक दिव्यांग ने डीएम के सामने अपनी दिव्यांग पत्नी को बेवजह रेफर किए जाने का आरोप लगाया। डीएम के हस्तक्षेप के बाद इस महिला का उपचार अस्पताल में ही किया गया। यही नहीं कुछ मरीजों ने अल्ट्रासांउड के नाम पर सौ रुपये लिए जाने की बात भी डीएम क ो बताई। इसके अलावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों से बाहर की दवाएं मंगाने और दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के ओपीडी में डॉक्टरों तक पहुंचने की शिकायत भी मरीजों ने की।
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एक मरीज द्वारा दवाई उपलब्ध न कराने की शिकायत की गई थी। इसे गंभीरता से लिया गया है। सीएमएस को नोटिस बोर्ड पर दवाईयों की उपलब्धता की सूचना प्रदर्शित करने को भी कहा है। पोषण पुनर्वास केंद्र में मात्र एक कुपोषित बच्चा मिलने पर असंतोष व्यक्त किया गया है। कुपोषित बच्चों को इस योजना का भरपूर लाभ मिल सके इसके लिये व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश दिये गए हैं। बागला अस्पताल के सीएमएस को एक सप्ताह के अंदर सुधार लाने की हिदायत दी गई है।
- अविनाश कृष्ण, डीएम