फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   The gang that sold the number of finance vehicles was busted

फाइनेंस की गाडिय़ों को नंबर बदल कर बेचने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़

Wed, 09 Oct 2019 12:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2019 12:24 AM IST
विज्ञापन
The gang that sold the number of finance vehicles was busted
फाइनेंस की गाड़ियों को नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
विज्ञापन

कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम ने आगरा निवासी एक शातिर को पांच गाड़ियाें के साथ किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। फाइनेंस की गाड़ियों (कार) को नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने भंडाफोड़ किया है। एक आरोपी को पांच गाड़ियाें के साथ गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली सदर में गिरोह के बारे में वार्ता कर पूरी जानकारी दी।
एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने कोतवाली में बताया कि कुछ लोगों के दूसरे जनपदों व राज्यों की गाड़ियों की नंबर प्लेट बदल कर बेचने राया की तरफ से हाथरस आने की सूचना मिली थी। एसओजी प्रभारी सुधीर राघव और कोतवाली के एसआई प्रमोद कुमार अपनी टीम मथुरा रोड पर गुलाब बाग के आसपास लग गए। इस बीच मुखबिर ने सामने से आ रहीं दो कारों की ओर इशारा किया, जिस पर गाड़ियां रुक गईं। एक गाड़ी के चालक को पकड़ लिया तो दूसरी गाड़ी में से दो लोग भागने लगे। उनका पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन दोनों भागने में कामयाब रहे।
विज्ञापन

पकड़े गए अभियुक्त ने अपना नाम चंद्रशेखर पुत्र दामोदर प्रसाद निवासी सदर भट्टी थाना मंटोला आगरा बताया। उसके बताए गए स्थान से तीन और गाड़ियों को पुलिस ने बरामद किया। इस तरह पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये कीमत की पांच गाड़ियां बरामद कीं। भागे हुए साथियों का नाम चंद्रशेखर ने श्याम तिवारी पुत्र रामविला तिवारी निवासी सिकरारी लालपुर थाना अवागढ़ एटा और सचिन ठाकुर पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी गनेशपुर पटना थाना जलेसर एटा बताया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ प्रवेश राणा, एसओजी प्रभारी सुधीर राघव, एसआई प्रमोद कुमार, एचसी उपेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप, भूपेंद्र, अजय चौधरी, विशाल, जितेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करते थे गाड़ियों के बेचने का धंधा
हाथरस। पकड़े गए शातिर ने बताया कि इन गाड़ियों को बैंक अथवा कंपनियों से कर्ज पर लिया जाता था। किश्त का दबाव बनने पर अन्य जनपदों के बेच देते हैं। इन पांचों गाड़ियों का सौदा करने के लिए हाथरस आ रहे थे।
फाइनेंस कंपनी से लेकर एआरटीओ दफ्तर तक सेटिंग
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शातिर बदमाश फाइनेंस कंपनी से लेकर एआरटीओ दफ्तर तक सेटिंग रखते हैं। तभी तो फाइनेंस की गाड़ी पर नो ड्यूज एआरटीओ दफ्तर से सेटिंग के आधार पर मिल जाता है और दूसरे ग्राहक को इस बात की जानकारी तब होती है, जब वह खरीदी हुई गाड़ी को अपने नाम नहीं करा पाता है।

मास्टर माइंड की पुलिस को तलाश
फाइनेंस की गाड़ियों को बेचने वाले गिरोह को चलाने वाले मास्टर माइंड की पुलिस को तलाश है। हालांकि अभी पकड़े गए शातिर ने इस बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताया है, लेकिन आगे उससे इसी बारे में पूछताछ की जाएगी। यहां पर यह भी बताया कि इसके पीछे किसी शातिर दिमाग का खेल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed