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डीआरएम के नहीं आने से मृतक के परिजन मायूस
Mon, 07 Jan 2019 12:30 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Mon, 07 Jan 2019 12:30 AM IST
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जलेसर रोड रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मी की मौत के बाद शोकाकुल परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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सहपऊ। क्षेत्र के गांव जलेेसर रोड मानिपुर के पास शुक्रवार की रात को गोरखधाम एक्सप्रेस से टकराकर हुई दो रेलवे कर्मियों की मौत के बाद इलाहाबाद के मंडल रेल प्रबंधक अभिताभ कुमार के नहीं आने पर क्षेत्र के गांव नगला सलेम निवासी मृतक सुरेश पुत्र जयपाल सिंह के परिजन काफी निराश एवं हताश हैं।
गौरतलब है कि दोनों कर्मियों में से एक जिला इटावा निवासी गंभीर तो रेलवे में स्थायी कर्मचारी था। लिहाजा नियमानुसार उसके परिवार के एक सदस्य को तो रेलवे में नौकरी मिल जाएगी, लेकिन क्षेत्र के गांव नगला सलेम के मृतक सुरेश तो रेलवे में एक फाइनेंशियल कंपनी के अधीन नौकरी कर रहा था।
उसकी मौत के बाद उसका परिवार सरकारी मदद की बाट देख रहा है। उसके परिवार में चार सदस्य हैं। अब उनके लालन-पालन की जिम्मेदारी उसकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। गांव में उसका परिवार दीवार पर टिन शेड डालकर रह रहा है। उसका बड़ा पुत्र छोटे कद का होने से कुछ भी करने में असमर्थ है। बड़ी पुत्री विवाह के योग्य हो गई है। सबसे छोटा बेटा नाबालिग है। अब उस विधवा को सरकारी मदद की ही आस है। मृतक के नाम कुछ जमीन है। इसके लिए प्रशासन किसान दुर्घटना बीमा के लिए प्रयासरत है।
गौरतलब है कि दोनों कर्मियों में से एक जिला इटावा निवासी गंभीर तो रेलवे में स्थायी कर्मचारी था। लिहाजा नियमानुसार उसके परिवार के एक सदस्य को तो रेलवे में नौकरी मिल जाएगी, लेकिन क्षेत्र के गांव नगला सलेम के मृतक सुरेश तो रेलवे में एक फाइनेंशियल कंपनी के अधीन नौकरी कर रहा था।
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उसकी मौत के बाद उसका परिवार सरकारी मदद की बाट देख रहा है। उसके परिवार में चार सदस्य हैं। अब उनके लालन-पालन की जिम्मेदारी उसकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। गांव में उसका परिवार दीवार पर टिन शेड डालकर रह रहा है। उसका बड़ा पुत्र छोटे कद का होने से कुछ भी करने में असमर्थ है। बड़ी पुत्री विवाह के योग्य हो गई है। सबसे छोटा बेटा नाबालिग है। अब उस विधवा को सरकारी मदद की ही आस है। मृतक के नाम कुछ जमीन है। इसके लिए प्रशासन किसान दुर्घटना बीमा के लिए प्रयासरत है।
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