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Hathras News: कोर्ट ने दिया साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर
Sat, 19 Apr 2025 01:36 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:36 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में 46 साल पुलिस की पिटाई से घायल अनुसूचित जाति के एक युवक की जेल में मौत होने के मामले में अभियोजन को साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। अगली सुनवाई की तिथि आठ मई नियत की गई है।
इस मामले में दो दरोगा सहित सात पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से एक ही दरोगा ही न्यायालय में पेश हुआ है। उसकी पत्रावली अन्य आरोपियों से अलग कर सुनवाई की जा रही है। एक दरोगा सहित छह पुलिस कर्मियों को 43 साल बाद भी पुलिस न्यायालय में पेश नहीं कर पाई है।
थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर के पूरन व कल्लू को पुलिस ने 29 दिसंबर 1978 को एक केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो जनवरी 1979 को जेल में अनुसूचित जाति के युवक कल्लू की मौत हो गई थी। तत्कालीन हाथरस सांसद रामप्रसाद देशमुख ने उस समय प्रदेश के गृह मंत्री को पत्र लिखा था और केस को झूठा बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की थी।
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इसके बाद सीबीसीआईडी आगरा ने इस मामले की जांच की थी। जांच के बाद 1982 में सीबीसीआईडी ने इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एक आरोपी तत्कालीन उपनिरीक्षक भरत सिंह यादव न्यायालय में पेश हुए। अवर न्यायालय से इस मामले में एक हाजिर आरोपी की पत्रावली सत्र सुपुर्द कर दी थी।
अब इस पत्रावली पर अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में सुनवाई चल रही है। न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में अभियोजन को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया है।
एक भी गवाह को पेश नहीं कर पाई पुलिस, 36 में से आठ की हो चुकी मृत्यु
दरोगा हरिश्चंद्र यादव, पुलिस कर्मी रामपाल सिंह,सुखदेव सिंह, विजय सिंह, रतन सिंह, रणधीर सिंह के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 82-83 कार्यवाही की, लेकिन पुलिस उन्हें पेश नहीं करा पाई है। इस मामले में 36 गवाह थे, इनमें से तत्कालीन सांसद रामप्रसाद देशमुख सहित आठ गवाह दिवंगत हो चुके हैं। इस मामले में न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह प्रस्तुत करने के लिए पत्र भी लिखा है फिर भी अभी तक कोई गवाह न्यायालय में हाजिर नहीं हो पाया है।
पुलिस अधीक्षक ने गवाहों की तस्दीक के लिए गठित की टीम
हाथरस। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने उक्त मामले में गवाहों की तस्दीक किए जाने के लिए टीम गठित की है। यह टीम गवाहों की तस्दीक के साथ साथ पूरे मामले में चल रही कार्रवाई का अवलोकन करेगी। एसपी ने बताया कि मामले से जुड़े गवाहों को पेश किए जाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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इस मामले में दो दरोगा सहित सात पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से एक ही दरोगा ही न्यायालय में पेश हुआ है। उसकी पत्रावली अन्य आरोपियों से अलग कर सुनवाई की जा रही है। एक दरोगा सहित छह पुलिस कर्मियों को 43 साल बाद भी पुलिस न्यायालय में पेश नहीं कर पाई है।
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थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर के पूरन व कल्लू को पुलिस ने 29 दिसंबर 1978 को एक केस में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो जनवरी 1979 को जेल में अनुसूचित जाति के युवक कल्लू की मौत हो गई थी। तत्कालीन हाथरस सांसद रामप्रसाद देशमुख ने उस समय प्रदेश के गृह मंत्री को पत्र लिखा था और केस को झूठा बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की थी।
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इसके बाद सीबीसीआईडी आगरा ने इस मामले की जांच की थी। जांच के बाद 1982 में सीबीसीआईडी ने इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एक आरोपी तत्कालीन उपनिरीक्षक भरत सिंह यादव न्यायालय में पेश हुए। अवर न्यायालय से इस मामले में एक हाजिर आरोपी की पत्रावली सत्र सुपुर्द कर दी थी।
अब इस पत्रावली पर अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में सुनवाई चल रही है। न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में अभियोजन को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर दिया है।
एक भी गवाह को पेश नहीं कर पाई पुलिस, 36 में से आठ की हो चुकी मृत्यु
दरोगा हरिश्चंद्र यादव, पुलिस कर्मी रामपाल सिंह,सुखदेव सिंह, विजय सिंह, रतन सिंह, रणधीर सिंह के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 82-83 कार्यवाही की, लेकिन पुलिस उन्हें पेश नहीं करा पाई है। इस मामले में 36 गवाह थे, इनमें से तत्कालीन सांसद रामप्रसाद देशमुख सहित आठ गवाह दिवंगत हो चुके हैं। इस मामले में न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह प्रस्तुत करने के लिए पत्र भी लिखा है फिर भी अभी तक कोई गवाह न्यायालय में हाजिर नहीं हो पाया है।
पुलिस अधीक्षक ने गवाहों की तस्दीक के लिए गठित की टीम
हाथरस। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने उक्त मामले में गवाहों की तस्दीक किए जाने के लिए टीम गठित की है। यह टीम गवाहों की तस्दीक के साथ साथ पूरे मामले में चल रही कार्रवाई का अवलोकन करेगी। एसपी ने बताया कि मामले से जुड़े गवाहों को पेश किए जाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।