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कृषि कानूनों को निरस्त कर किसानों पर दर्ज मुकदमे लिए जाएं वापस
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किसानों की समस्याओं को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान यूनियन के किसान नेता।
- फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
किसान यूनियन हाथरस के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शनिवार को तहसीलदार निधि भारद्वाज को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़े उद्योगपतियों के हित को ध्यान में रखते हुए पांच जून 2020 को तीन कृषि कानून लागू किए, जो कि किसानों के हित में नहीं है। कोरोना काल में बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए और एमएसपी पर कानून बनाया जाए।
ज्ञापन में मांग की गई कि आंदोलनकारी किसानों से मुकद्दमे वापस लिए जाएं। साठ साल पार के किसानों को वृद्धावस्था पेंशन दिलाई जाए। फसलों की खरीददारी सुनिश्चित की जाए। एक मुश्त संपूर्ण किसानों का कर्ज माफ किया जाए।
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आवारा गोवंश के लिए स्थायी समाधान किया जाए और बिजली डीजल के मूल्यों पर अंकुश लगाया जाए। इस दौरान श्यामवीर सिंह, उदयपाल सिंह, चंद्रेश चौधरी, कृपाल सिंह, महीपाल सिंह, राम चौधरी, साहब सिंह, बृजेश कुमार, पुष्पेंद्र फौजदार आदि थे।
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किसान यूनियन हाथरस के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शनिवार को तहसीलदार निधि भारद्वाज को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़े उद्योगपतियों के हित को ध्यान में रखते हुए पांच जून 2020 को तीन कृषि कानून लागू किए, जो कि किसानों के हित में नहीं है। कोरोना काल में बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए और एमएसपी पर कानून बनाया जाए।
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ज्ञापन में मांग की गई कि आंदोलनकारी किसानों से मुकद्दमे वापस लिए जाएं। साठ साल पार के किसानों को वृद्धावस्था पेंशन दिलाई जाए। फसलों की खरीददारी सुनिश्चित की जाए। एक मुश्त संपूर्ण किसानों का कर्ज माफ किया जाए।
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आवारा गोवंश के लिए स्थायी समाधान किया जाए और बिजली डीजल के मूल्यों पर अंकुश लगाया जाए। इस दौरान श्यामवीर सिंह, उदयपाल सिंह, चंद्रेश चौधरी, कृपाल सिंह, महीपाल सिंह, राम चौधरी, साहब सिंह, बृजेश कुमार, पुष्पेंद्र फौजदार आदि थे।